ब्लैक सी की सुरक्षा पर भारत-यूक्रेन की बड़ी चर्चा, जयशंकर ने समुद्री व्यापार को लेकर रखा रुख|
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से ब्लैक सी में वाणिज्यिक गतिविधियों की बहाली और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा नई दिल्ली में ब्लैक सी में वाणिज्यिक गतिविधियों की बहाली और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा करते हुए।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मोर्चे पर एक अहम घटनाक्रम के तहत, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के बीच महत्वपूर्ण वार्ता संपन्न हुई। दोनों नेताओं के बीच यह उच्चस्तरीय बातचीत बुधवार शाम को हुई, जिसमें मुख्य रूप से सामरिक रूप से संवेदनशील ब्लैक सी क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने और समुद्री सुरक्षा से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया। मौजूदा भू-राजनीतिक हालात के बीच इस चर्चा को वैश्विक व्यापार और कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस संवाद की जानकारी साझा करते हुए बताया कि चर्चा का केंद्रीय बिंदु ब्लैक सी में वाणिज्यिक गतिविधियों की सुचारू बहाली रहा है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि समुद्री व्यापार से जुड़े जहाजों और उनमें सफर करने वाले सभी नाविकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। ब्लैक सी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर लगातार बनी गंभीर चुनौतियों के बीच समुद्री वाणिज्य को सामान्य करना और यातायात को सुरक्षित बनाना इस समय अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक बड़ी प्राथमिकता बन चुका है।
चर्चा के दौरान समुद्री यात्रियों और शिपिंग की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि वैश्विक समुद्री व्यापार को एक सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना बेहद जरूरी है। सुरक्षित समुद्री मार्ग न केवल विभिन्न देशों के बीच सुगम व्यापार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि उन तमाम लोगों की जीवन रक्षा के लिए भी अनिवार्य हैं जो इनरूट्स से आवाजाही करते हैं। भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों की निरंतरता के लिए समुद्री क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा का माहौल होना आवश्यक है।
इस बातचीत के दौरान भारत ने अपने पारंपरिक और अडिग रुख को एक बार फिर दोहराया कि किसी भी जटिल विवाद का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही निकाला जा सकता है। विदेश मंत्री जयशंकर ने यह बात रेखांकित की कि भारत संवाद और कूटनीतिक रास्तों के जरिए ही हर समस्या का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की नीति पर पूरी तरह कायम है। यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में भी यही दृष्टिकोण प्रमुखता से सामने आया, जो वैश्विक शांति प्रयासों में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।