झारखंड से मानव तस्करी का पर्दाफाश: काम के बहाने दिल्ली ले जाकर नाबालिग को बेचा, गुमला लौटकर पीड़िता ने खोली पोल|
रोजगार का झांसा देकर राजस्थान बेची गई नाबालिग पीड़िता आरोपी के चंगुल से छूटकर गुमला लौटी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
बिशुनपुर थाना, गुमला का भवन जहां झारखंड की एक नाबालिग लड़की को राजस्थान में बेचने और जबरन शादी कराने की शिकायत दर्ज की गई है।
झारखंड के गुमला जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ रोजगार का झांसा देकर एक 15 साल की नाबालिग लड़की को मानव तस्करी के जाल में फंसाया गया। राजस्थान में उस नाबालिग लड़की को 20 हजार रुपये में बेचकर एक 50 साल के अधेड़ व्यक्ति से जबरन उसकी शादी करा दी गई। किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर घर लौटी पीड़िता ने गुमला पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला बिशुनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव से जुड़ा है।
काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गई थी महिला
पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि इसी साल जुलाई के महीने में उसके गांव की ही रहने वाली एक महिला, जिसका नाम जतरी उरांव है, उसे बेहतर काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ दिल्ली ले गई थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उस लड़की को सुनीता लोहरा नाम की एक अन्य महिला को सौंप दिया गया। इसके कुछ दिनों बाद सुनीता उस नाबालिग को राजस्थान ले गई, जहाँ उसका सौदा कर दिया गया।
20 हजार में सौदा और जबरन शादी
राजस्थान ले जाने के बाद सुनीता लोहरा ने 50 साल के एक अधेड़ व्यक्ति से नाबालिग का 20 हजार रुपये में सौदा कर दिया और उसकी जबरन शादी करा दी गई। पीड़िता के अनुसार, इस शादी में कुछ मेहमानों को भी बुलाया गया था और मुंह दिखाई की रस्म भी पूरी की गई थी। सौदा पूरा होने के बाद महिला सुनीता वहाँ से चली गई, जिसके बाद उस अधेड़ ने नाबालिग को अपने घर में कैद करके रखना शुरू कर दिया।
कैद, मारपीट और शोषण का दौर
आरोपी व्यक्ति मांस (मीट) की दुकान चलाता था। पीड़िता ने बताया कि जब वह दिन में अपनी दुकान पर जाता था, तो घर के एक कमरे में नाबालिग को बंद करके बाहर से ताला लगा जाता था। रात में लौटने के बाद वह उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता था और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी करता था।
ऐसे बची नाबालिग की जान और पहुंची घर
पीड़िता के लिए यह कैद किसी नरक से कम नहीं थी, लेकिन एक दिन उसे वहाँ से भागने का मौका मिल गया। उस रात आरोपी घर लौटने के बाद जल्दी सो गया और गलती से दरवाजे पर ताला लगाना भूल गया। इसे अपनी जिंदगी बचाने का एकमात्र मौका मानते हुए लड़की ने वहाँ से भागने का फैसला किया। वह अपने साथ वह 2 हजार रुपये भी ले आई, जो उसे शादी के दौरान मुंह दिखाई की रस्म में मिले थे।
वह किसी तरह राजस्थान से दिल्ली और फिर दिल्ली से रांची पहुँची। रांची से अपने गृहग्राम वापस लौटने के बाद उसने अपने परिजनों को अपनी पूरी आपबीती रोते-बिलखते बताई।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घरवालों को सच्चाई पता चलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद परिजन पीड़िता को लेकर तुरंत बिशुनपुर थाना पहुँचे और इस घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन यादव ने बताया कि पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस मानव तस्करी और जुर्म में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।