वोट चोरी और चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में आज 'INDIA' गठबंधन की महारैली, 200 से अधिक CCTV से निगरानी|
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली के मद्देनजर पुलिस ने 4 हजार जवानों और 200 से अधिक CCTV कैमरों के साथ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली के लिए तैयार किया गया मुख्य मंच और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते कर्मचारी।
राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी INDIA गठबंधन की ओर से एक बड़ी महारैली का आयोजन किया जा रहा है। यह महारैली वोट चोरी, एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाई गई है। विपक्ष को उम्मीद है कि इस आयोजन में लगभग 10 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। रैली को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
दोपहर 12 बजे शुरू होगा मार्च, शाम 5 बजे तक चलेगी रैली
आयोजन की रूपरेखा के अनुसार, यह मार्च दिल्ली के आउटर सर्कल स्थित मिंटो रोड जंक्शन से दोपहर 12 बजे शुरू होगा। इसके बाद यह मार्च अजमेरी गेट के रास्ते जवाहरलाल नेहरू (JLN) मार्ग से गुजरते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। रामलीला मैदान में विपक्ष की यह महारैली शाम 5 बजे तक संचालित होगी।
4 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात और 200 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी
भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने 4 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। शनिवार को पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने स्पेशल सीपी, डीसीपी सेंट्रल, डीसीपी नई दिल्ली और जॉइंट सीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिंटो रोड और रामलीला मैदान का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
- 14 ज़ोन में बंटा मैदान: सुरक्षा के लिहाज से पूरे रामलीला मैदान को 14 अलग-अलग ज़ोन में विभाजित किया गया है।
- अधिकारियों की जिम्मेदारी: प्रत्येक ज़ोन की कमान एसीपी (ACP) रैंक के अधिकारी के पास होगी, जबकि दो ज़ोन की निगरानी की जिम्मेदारी एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी संभालेंगे।
- तकनीकी निगरानी और कंट्रोल रूम: मैदान के अंदर 200 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं और एक मुख्य कंट्रोल रूम बनाया गया है।
- अतिरिक्त सुरक्षा उपाय: मैदान में प्रवेश करने से पहले सभी लोगों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। इसके अलावा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दंगा विरोधी वाहन और आधुनिक उपकरणों से लैस गाड़ियां तैनात रहेंगी। सुरक्षा के मद्देनजर CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती की अवधि भी बढ़ा दी गई है।
10 प्रमुख जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक अलर्ट
रैली के कारण सेंट्रल दिल्ली में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विशेष यातायात नियम लागू रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने आवश्यकता अनुसार 10 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्ट करने की योजना बनाई है।
- नेताजी सुभाष मार्ग टी-पॉइंट, राजघाट, दिल्ली गेट, ITO ए-पॉइंट, अजमेरी गेट रेड लाइट, बाराखंभा रोड पर रणजीत सिंह फ्लाईओवर, झंडेवाला गोलचक्कर और तुर्कमान गेट जैसे इलाकों में पुलिस बल तैनात रहेगा।
- बहादुर शाह जफर मार्ग, JLN मार्ग, अरुणा आसफ अली रोड, मिंटो रोड, बाराखंभा रोड, कमला मार्केट और हमदर्द चौक के आसपास भारी जाम लगने की संभावना जताई गई है। रैली में शामिल होने वाले वाहनों के लिए LNJP अस्पताल के सामने रेलवे पार्किंग, DMRC पार्किंग और राजघाट के पास पार्किंग की जगह तय की गई है।
ट्रैफिक पुलिस द्वारा यात्रियों के लिए दिए गए सुझाव
रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कुछ विशेष विकल्प सुझाए हैं:
- रेलवे स्टेशन जाने के लिए: यात्री अजमेरी गेट की बजाय पहाड़गंज की तरफ से नई दिल्ली स्टेशन पहुंचें। इसके लिए वे मेट्रो की येलो लाइन लेकर सीधे नई दिल्ली स्टेशन उतर सकते हैं।
- सड़क मार्ग का विकल्प: निजी वाहन या ऑटो से जाने वाले लोग ITO, डीडीयू मार्ग, मिंटो रोड, दिल्ली गेट और जवाहरलाल नेहरू मार्ग के रास्तों से बचें। वे आउटर सर्कल से चेम्सफोर्ड रोड होते हुए या करोल बाग, झंडेवालान, पंचकुइयां रोड, बसंत रोड और देशबंधु रोड से होते हुए पहाड़गंज के रास्ते जा सकते हैं।
- एयरपोर्ट जाने के लिए: जिन्हें एयरपोर्ट मेट्रो पकड़नी है, वे शिवाजी स्टेडियम स्टेशन से ट्रेन ले सकते हैं।
अस्पतालों के लिए खुला रहेगा रास्ता और आयोजकों को सख्त निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पैदल यात्रियों के रास्ते में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके अलावा एलएनजेपी (LNJP) और जीबी पंत अस्पताल जाने वाली एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से निर्बाध और सुचारू रखा जाएगा।
प्रशासन ने महारैली के आयोजकों से आमंत्रित लोगों, स्वयंसेवकों और बसों का पूरा ब्योरा मांगा है। साथ ही गाड़ियों की पार्किंग के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर काम करने और मंच से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भाषणों से पूरी तरह बचने की हिदायत दी गई है।