दिल्ली के बॉर्डर पर वाहनों की चेकिंग और ट्रैफिक जाम का दृश्य, जिसे प्रदूषण नियंत्रण के नए नियमों के तहत लागू किया गया है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 1 नवंबर से गाड़ियों की एंट्री को लेकर नए और कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इन पाबंदियों का सबसे ज्यादा और सीधा असर सोमवार को देखने को मिल सकता है, जब स्कूल, दफ्तर और अन्य संस्थान फिर से खुल रहे हैं। अनुमान के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से प्रतिदिन दिल्ली में प्रवेश करने वाली लगभग 10 लाख से अधिक गाड़ियां इस फैसले से प्रभावित होंगी।

रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद दिल्ली-गुड़गांव और दिल्ली-यूपी (खासकर गाजीपुर) बॉर्डर पर गाड़ियों की चेकिंग के कारण लंबा जाम देखने को मिला। सोमवार से रजोकरी, डीएनडी, चिल्ला, कालिंदी कुंज, गाजीपुर, बदरपुर, टिकरी और सिंधु बॉर्डर पर वाहनों का दबाव और बढ़ने की संभावना जताई गई है।

किन गाड़ियों पर प्रतिबंध और किन्हें मिली है छूट?

मौसम और पर्यावरण सुरक्षा के तहत दिल्ली में बीएस-6 (BS-6) मानक से नीचे की पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

  • किस पर लागू है नियम: यदि कोई व्यक्ति दिल्ली में रहता है, लेकिन उसकी गाड़ी किसी दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड है और वह बीएस-6 मानक से पुरानी है, तो उस पर भी यह प्रतिबंध लागू होगा। यानी केवल दिल्ली में रहने के आधार पर किसी को इस नियम में छूट नहीं मिलेगी।
  • केवल सर्टिफिकेट काफी नहीं: गाड़ी का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) होना ही पर्याप्त नहीं माना जाएगा। यदि किसी गाड़ी से प्रत्यक्ष रूप से धुआं निकलता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
  • किन्हें मिली है छूट: इस प्रतिबंध से केवल सीएनजी (CNG), इलेक्ट्रिक गाड़ियों और आपातकालीन (Emergency) वाहनों को ही छूट दी गई है।

जांच व्यवस्था, AI तकनीक और पार्किंग के नए नियम

यातायात व्यवस्था को संभालने और पाबंदियों को सख्ती से लागू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने 13 प्रमुख टोल प्लाजा पर लगभग 40 विशेष टीमें तैनात की हैं। इसके साथ ही निगरानी को अधिक दुरुस्त बनाने के लिए:

  • तकनीक का इस्तेमाल: गाड़ियों की जांच और निगरानी के लिए एएनपीआर (ANPR) कैमरों और एआई (AI) आधारित 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' की मदद ली जा रही है।
  • वर्क फ्रॉम होम: स्थिति को देखते हुए सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (घर से काम करने) की सुविधा दी गई है।
  • डबल पार्किंग चार्ज: सड़कों पर जाम और अव्यवस्था रोकने के लिए लोगों को अब डबल पार्किंग चार्ज भी देना पड़ेगा। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों की पार्किंग को इस चार्ज से मुक्त रखा गया है, जिससे मेट्रो में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

बॉर्डरों का आंखों देखा हाल: 700 से अधिक गाड़ियां वापस भेजी गईं

हरियाणा और उत्तर प्रदेश से सटी दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक पुलिस की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। रविवार सुबह से लेकर रात 8 बजे तक ट्रैफिक पुलिस ने कुल 7,279 गाड़ियों की जांच की। इस दौरान नियम तोड़ने वाली 10 गाड़ियों के चालान काटे गए, 38 गाड़ियों को जब्त किया गया और 714 वाहनों को बॉर्डर से ही वापस भेज दिया गया।

  • अप्सरा बॉर्डर: यहाँ फ्लाई-ओवर के नीचे आर्म्ड फोर्स के जवानों के साथ दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस तैनात दिखी। चेकिंग के दौरान यूपी नंबर की एक बस को रोका गया, लेकिन सीएनजी चालित होने की पुष्टि के बाद उसे जाने दिया गया। इस पॉइंट से सुबह तक कम से कम 10 गाड़ियों को वापस लौटाया गया।
  • गाजीपुर बॉर्डर (समय 12:30 PM): नेशनल हाईवे-9 पर यूपी की ओर से आ रही बीच की लेन और गाजीपुर बॉर्डर की तरफ नीचे उतरने वाले फ्लाईओवर पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। ट्रैफिक पुलिस तैनात थी, लेकिन भारी ट्रैफिक होने के कारण बीच वाली लेन की सभी गाड़ियों के दस्तावेज जांचना संभव नहीं हो पा रहा था। जाम न लगे, इसलिए टोल कर्मचारी निजी वाहनों को तेजी से आगे निकाल रहे थे।
  • नोएडा चिल्ला बॉर्डर (समय 1:20 PM): दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर ट्रैफिक पुलिस यूपी गेट पर तैनात रही। रेड लाइट होते ही हर गाड़ी की बारीकी से जांच की जा रही थी और कई गाड़ियों को वापस लौटाया गया। यहाँ केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और इमरजेंसी वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश दिया जा रहा था।

दिल्ली का AQI 261 दर्ज, इसी हफ्ते GRAP-2 लागू होने की आशंका

राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। रविवार का दिन इस सीजन का अब तक का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जहाँ दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 261 तक पहुँच गया।

मौसम विभाग और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 4 नवंबर तक हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच सकती है, जिसके चलते इसी हफ्ते ग्रैप-2 (GRAP-2) की पाबंदियां लागू होने की आशंका जताई गई है।

एनसीआर के प्रमुख शहरों और दिल्ली के इलाकों का हाल

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बुलेटिन के अनुसार रविवार को एनसीआर के विभिन्न शहरों का AQI दर्ज किया गया:

शहर - AQI स्तर

दिल्ली- 261 (खराब)

फरीदाबाद- 94

गाजियाबाद- 227

ग्रेटर नोएडा- 228

गुरुग्राम- 183

नोएडा- 248

दिल्ली के कुल 23 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' और 20 स्टेशनों पर 'खराब' दर्ज की गई।

दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाके:

  • जहांगीरपुरी: 385 AQI
  • रोहिणी: 360 AQI
  • पंजाबी बाग: 357 AQI
  • मुंडका: 346 AQI
  • आरके पुरम: 337 AQI
  • चांदनी चौक: 332 AQI
  • अलीपुर: 331 AQI
  • नरेला: 330 AQI

पूर्वानुमान के अनुसार, 2 और 3 नवंबर को हवा की गुणवत्ता खराब रहने की संभावना है, जबकि 4 नवंबर के बाद अगले 6 दिनों तक हवा की स्थिति खराब से 'बेहद खराब' श्रेणी के बीच बनी रह सकती है।