फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार अबू धाबी में पुरस्कार समारोह के दौरान नजर आए।

बीते महीने 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान एक बड़ी और डरावनी घटना सामने आई थी, जब यूएई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ही को-पायलट ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। सिर पर गंभीर चोट लगने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने अद्भुत सूझबूझ का परिचय दिया और यात्रियों की जान बचाते हुए विमान को सुरक्षित नीचे उतारा था। इस घटना के एक महीने बाद अब कैप्टन मच्छार सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं, जिनकी नई तस्वीरों ने दुनिया भर के डॉक्टरों और न्यूरोसर्जन का ध्यान खींच लिया है।

अबू धाबी में पुरस्कार समारोह के दौरान दिखे निशान

घटना के ठीक एक महीने बाद, कैप्टन स्मित मच्छार अबू धाबी में आयोजित एक विशेष पुरस्कार समारोह में अपनी आधिकारिक यूनिफॉर्म में नजर आए। इस दौरान उनके बाएं हाथ पर पट्टी बंधी हुई थी और सिर के पिछले हिस्से पर कुल्हाड़ी के वार से बने गहरे कट और टांकों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। कार्यक्रम से सामने आई इन तस्वीरों ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, क्योंकि इन निशानों को देखकर चिकित्सा जगत के विशेषज्ञ एक नए खतरे और अंदेशे को लेकर चर्चा कर रहे हैं।

फ्लाइट में कैसे बची थी जान?

वायनेट की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस फ्लाईदुबई के विमान में यह हमला हुआ था, उसी उड़ान में एक इजरायली डेंटिस्ट डॉक्टर शोता मुसायेव भी यात्री के रूप में सवार थे। डॉक्टर मुसायेव ने संकट के समय आगे आकर कैप्टन का अत्यधिक खून बहने से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी।

डॉक्टर मुसायेव ने घटना को याद करते हुए बताया कि कैप्टन के सिर और बाएं हाथ से बहुत अधिक खून बह रहा था। जब तक विमान सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित नहीं उतर गया, तब तक उन्होंने लगातार 45 मिनट तक कैप्टन के घावों पर दबाव बनाए रखा ताकि रक्तस्राव को रोका जा सके। इसके बाद तुरंत कैप्टन मच्छार की इमरजेंसी सर्जरी की गई थी।

यूएई सरकार द्वारा सर्वोच्च सम्मान

इस अंगेज और असाधारण बहादुरी के लिए संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने मंगलवार, 27 अक्टूबर को कैप्टन स्मित मच्छार और उनके फ्लाइट क्रू के सदस्यों को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक—'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया। आमतौर पर यह प्रतिष्ठित सम्मान देश के राजनयिकों और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदान किया जाता है। यह सम्मान दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा दिया गया।

न्यूरोसर्जन डॉ. सनत दीक्षित की राय और जानलेवा खतरे का अंदेशा

कैप्टन स्मित मच्छार की वायरल हो रही तस्वीरों को देखने के बाद अमेरिका के जाने-माने न्यूरोसर्जन डॉ. सनत दीक्षित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस चोट की गंभीरता को विस्तार से समझाया है।

• ओपन डिप्रेस्ड फ्रैक्चर: डॉ. दीक्षित के अनुसार, तस्वीरों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि कैप्टन मच्छार को सिर के पिछले हिस्से (ऑक्सिपिटल बोन) में ओपन डिप्रेस्ड फ्रैक्चर हुआ था।

• वाइड क्रैनियोटॉमी की संभावना: उनके सिर पर सर्जिकल टांकों की लंबी कतार को देखकर लगता है कि इसकी सर्जरी 'वाइड क्रैनियोटॉमी' (खोपड़ी के एक हिस्से को खोलना) के जरिए की गई होगी।

• मुख्य नस (साइनस) के पास खतरा: डॉ. दीक्षित ने बताया कि घाव के बीच पेड़ की शाखाओं जैसा निशान कुल्हाड़ी के वार का स्पष्ट संकेत देता है। सबसे बड़ा खतरा यह था कि कुल्हाड़ी के वार मस्तिष्क के 'सुपीरियर सैजिटल साइनस' के पिछले हिस्से पर लगे थे। यह मस्तिष्क के बीचों-बीच से गुजरने वाली एक प्रमुख शिरा (vein) रूट है, जो दिमाग से खून को वापस हृदय तक पहुंचाने में मदद करती है।

• सर्जरी की जटिलता: डॉ. दीक्षित का मानना है कि सर्जरी के दौरान स्थिति तब बेहद खतरनाक हो जाती है जब खोपड़ी का कोई टूटा हुआ टुकड़ा किसी क्षतिग्रस्त ब्लड वेसेल पर दबाव डाल रहा हो। हालांकि टूटी हुई हड्डी नुकसान तो पहुंचाती है, लेकिन यह अस्थायी रूप से रक्तवाहिका को दबाकर रक्तस्राव को रोकने में भी मददगार साबित हो सकती है।