PM मोदी के IMC उद्घाटन से पहले भड़के एलन मस्क: बोले- भारत में धन्नासेठ रोक रहे Starlink, जनता के साथ हो रहा अपराध|
एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत में स्टारलिंक की एंट्री को रोकने के लिए कुछ उद्योगपति एकाधिकार बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन से पूर्व स्पेसएक्स प्रमुख एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा की मंजूरी में हो रही देरी पर बयान दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले स्पेसएक्स और स्टारलिंक के प्रमुख एलन मस्क ने गंभीर आरोप लगाए हैं। भारत में नियामक अड़चनों के कारण स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू होने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया है।
धन्नासेठों और एकाधिकार (मोनोपॉली) पर आरोप
एलन मस्क ने सीधे तौर पर किसी का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि भारत में कुछ खास धन्नासेठ स्टारलिंक की सेवाओं को रोक रहे हैं, ताकि आम जनता पर उनकी मोनोपॉली (एकाधिकार) बनी रहे। उन्होंने इसे भारतीय जनता के साथ अपराध करार दिया और उन लोगों का अंदाजा लगाने की बात जनता पर ही छोड़ दी। मस्क की यह प्रतिक्रिया एक ऐसे पोस्ट पर आई, जिसमें भारत के दूरदराज और दुर्गम इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने के लिए स्टारलिंक की आवश्यकता की बात कही गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी द्वारा IMC 2026 के उद्घाटन के दौरान जिओ (Jio) के सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर कोई बड़ी घोषणा की जाने की संभावना जताई जा रही थी।
इंटरनेट पहुंच की असमानता के आंकड़े
जिस पोस्ट पर एलन मस्क ने जवाब दिया, उसमें भारतीय इंटरनेट व्यवस्था से जुड़े कुछ प्रमुख आंकड़े साझा किए गए थे:
- मई 2026 तक देश के 11,256 गांवों में 4G कवरेज नहीं पहुंच पाई थी।
- मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कुल 1.093 अरब इंटरनेट ग्राहक थे, लेकिन शहरों और गांवों के बीच इसका वितरण काफी असमान है।
- ग्रामीण भारत में कुल 44.08 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन थे, जहाँ इंटरनेट घनत्व प्रति 100 लोगों पर सिर्फ 48.31 था।
- इसके विपरीत, शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट घनत्व का आंकड़ा प्रति 100 लोगों पर 126.80 दर्ज किया गया था।
स्टारलिंक की तैयारियां और सुरक्षा उपाय
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में स्पेसएक्स की स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने जानकारी दी कि कंपनी ने भारत के लिए विशेष सुरक्षा उपाय तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि स्टारलिंक पिछले पांच सालों से भारतीय नियामकों के साथ लगातार काम कर रही है।
भारत में सेवाओं के संचालन के लिए कंपनी की ओर से निम्नलिखित कदम उठाए जा चुके हैं:
- कंपनी भारत में पहले ही 20 गेटवे साइट्स का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर चुकी है।
- स्टारलिंक भारतीय यूजर्स का संपूर्ण डेटा पूरी तरह से भारत के भीतर ही रखने के लिए सहमत है।
लाइसेंस के बाद भी अंतिम मंजूरी का इंतजार
भारत सरकार द्वारा देश में सैटेलाइट सर्विस प्रदान करने के लिए स्टारलिंक समेत कुल तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए गए हैं। स्टारलिंक ने अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए जमीनी स्तर पर सभी आवश्यक निवेश और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि, सभी तैयारियां पूरी होने के बावजूद कंपनी को व्यावसायिक रूप से सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।