जापान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप के कारण सड़क पर पड़ी बड़ी दरार और आसपास का क्षेत्र दिखाई दे रहा है|

रविवार सुबह तड़के जापान की राजधानी टोक्यो समेत देश के पूर्वी इलाकों में धरती अचानक तेज झटकों से कांप उठी। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई है, जिससे आम जनजीवन और प्रशासनिक व्यवस्था में खलबली मच गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबाराकी प्रांत में जमीन से लगभग 70 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। चूंकि जापान के इन क्षेत्रों में भूगर्भीय हलचलें अक्सर होती रहती हैं, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहता है, हालांकि इस बार आए झटकों से शुरुआती स्तर पर काफी अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।

भूकंप के इस तेज झटके के कारण जापान के विभिन्न हिस्सों में व्यापक असर पड़ा है। अधिकारियों द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के मुताबिक, भूकंप प्रभावित इलाके के चार प्रमुख प्रांतों में कुल 23 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर को हल्की चोटें आई हैं। प्रांतवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सेतामा में 9, कानागावा में 9, चिबा में 4 और इबाराकी प्रांत में 1 व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि हुई है। चूंकि यह भूकंप सुबह तड़के उस समय आया जब अधिकांश लोग नींद में थे, इसलिए कई लोग अचानक आए झटकों से घबराकर बिस्तर से उठते समय गिर गए या घर के दरवाजों व दीवारों से टकराकर चोटिल हो गए।

इस आपदा के चलते स्थानीय बुनियादी ढांचे और सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। भूकंप के झटकों के कारण कई जगहों पर लोकल ट्रेनों का आवागमन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, और नागरिकों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन अलर्ट (इमरजेंसी अलर्ट) जारी किए गए। इसके अलावा, कई स्थानों पर जमीन के नीचे पानी के मुख्य पाइप फट जाने की सूचना मिली तथा टोक्यो के कुछ हिस्सों में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने किसी भी प्रकार की सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है।

इस आकस्मिक आपदा से हुए नुकसान के सटीक आकलन और राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार ने तुरंत एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान की समीक्षा कर रही है ताकि प्रभावित नागरिकों को जल्द से जल्द आवश्यक सहायता और राहत पहुंचाई जा सके।