बिहार के सारण जिले के परशुरामपुर गांव में बाढ़ राहत अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री गिराए जाने का दृश्य।

छपरा में बाढ़ राहत सामग्री बांटने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां हेलीकॉप्टर से गिराई गई राहत सामग्री की बोरी सीधे एक बुजुर्ग व्यक्ति की छाती पर जा गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हृदय विदारक घटना बिहार के सारण जिले के परशुरामपुर गांव में शुक्रवार को हुई। मृतक की पहचान 65 वर्षीय अनिल कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह के रूप में हुई है, जो गंडक नदी की बाढ़ से घिरने के बाद तटबंध पर शरण लिए हुए थे।

घटना के वक्त क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा था। बाढ़ प्रभावित आबादी के बीच सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री वितरित करने के लिए एक हेलीकॉप्टर द्वारा हवाई छिड़काव अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ग्रामीणों की भीड़ के बीच राहत सामग्री की एक भारी बोरी सीधे अनिल कुमार सिंह के ऊपर आ गिरी। इस अचानक हुए हादसे से वहां अफरा-तफरी मच गई और तटबंध पर शरण लिए हुए ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए, जिसमें उप कलेक्टर भूमि सुधार और सर्कल ऑफिसर का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारी भी शामिल थे।

अमानौर के एसएचओ विमलेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। हालांकि प्रारंभिक तौर पर शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, फिर भी मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जिला प्रशासन इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की प्रक्रिया पर विचार कर रहा है।

वर्तमान में सारण जिला प्रशासन बाढ़ की विकट स्थिति से निपटने के लिए निरंतर राहत और बचाव अभियान चला रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के सात ब्लॉकों की 33 पंचायतों के 170 गांव इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लगभग 75,286 परिवारों के 3.32 लाख लोग इसकी चपेट में आए हैं, जिनमें से 43,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए 20 चिकित्सा शिविर और पांच मोबाइल टीमें तैनात हैं। इसके अलावा पशुओं की सुरक्षा के लिए आठ पशु चिकित्सा शिविरों के माध्यम से करीब 370 जानवरों का इलाज किया गया है और 153.5 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है। प्रशासन द्वारा 14 राहत केंद्रों में लगभग 40,000 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है तथा 46 सामुदायिक रसोईघरों के जरिए 50,550 से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री के वितरण और निकासी कार्यों के लिए करीब 2,540 नावें लगातार कार्यरत हैं।