बीच हवा में को-पायलट ने मारा चाकू, फिर भी भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने सुरक्षित लैंड की 174 जिंदगिया!
फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले को विफल करने वाले मुंबई के कैप्टन स्मित मच्छर की हालत स्थिर है और सऊदी अरब में उनका इलाज जारी है।
मुंबई के घाटकोपर स्थित स्वास्तिक हाइट्स में गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छर के लिए गर्व और चिंता का माहौल रहा। पड़ोसियों ने फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के कॉकपिट में सह-पायलट द्वारा कथित तौर पर चाकू से हमला किए जाने के बाद भारतीय पायलट के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छर ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश का विरोध किया था। इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी।
बताया जा रहा है कि बुधवार को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट और कैप्टन स्मित मच्छर के बीच हुई घटना के दौरान विमान अचानक तेज ढलान में नीचे जाने लगा। इसके बाद विमान की सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। घटना की पूरी श्रृंखला और जांच से जुड़े आधिकारिक विवरण फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कैप्टन मच्छर के कथित तौर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से रोकने के प्रयास की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनके प्रयास की सराहना की है। हालांकि, सह-पायलट द्वारा कथित हमले की पहचान और उसके मकसद को लेकर गुरुवार तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई थी।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने जांच जारी होने की पुष्टि की है, लेकिन मामले से जुड़ी बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार शाम प्रसारित CNN के एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने संदिग्ध को ओमान का नागरिक बताया और कहा कि सऊदी अरब में उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, संदिग्ध का नाम और उसकी स्थिति सार्वजनिक नहीं की गई थी।
भारतीय दूतावास, सऊदी अरब ने रात में बताया कि कैप्टन स्मित मच्छर की हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्हें गंभीर चोटों के बाद उपचार के लिए सऊदी अरब में रखा गया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने फोन पर नेतन्याहू के साथ इस घटना पर विस्तार से चर्चा की। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने हमलावर के संभावित मकसद को लेकर अनुमान व्यक्त किया, लेकिन अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से अब तक किसी मकसद की पुष्टि नहीं की है।
नेतन्याहू ने यह भी बताया कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की है। उनके अनुसार, यूएई के राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हुए कि इजरायल को संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। इजरायल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, विमान में इजरायल, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक सवार थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की कि विमान में चार अमेरिकी नागरिक भी मौजूद थे।
कैप्टन स्मित मच्छर कुछ वर्ष पहले दुबई जाने से पहले अपने माता-पिता के साथ मुंबई के घाटकोपर स्थित स्वास्तिक हाइट्स में रहते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके माता-पिता सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए, ताकि उपचार करा रहे अपने बेटे के पास रह सकें।
15 वर्षों से अधिक समय से कैप्टन मच्छर को जानने वाले उनके पड़ोसी डॉ. जिनित शाह ने उन्हें दयालु और दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि कैप्टन के माता-पिता अपने बेटे के उपचार के दौरान उसके साथ रहने के लिए सऊदी अरब गए हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्तिक हाइट्स के निवासियों ने परिवार का साथ दिया। बिल्डिंग के चेयरमैन अशोक मकवाना और निवासी लक्ष्मीकांत जोशी, जो कैप्टन मच्छर के पिता उपेंद्र के करीबी मित्र हैं, बुधवार को पूरे समय परिवार के साथ रहे और उन्हें हरसंभव सहयोग दिया।
माता-पिता की यात्रा की तैयारियों में भी पड़ोसियों ने मदद की। उन्होंने उनका सामान नीचे पहुंचाया और एयरपोर्ट तक पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था की। निवासी अक्षय दोशी ने उन्हें एयरपोर्ट तक पहुंचाया। परिवार की मदद करने वाले लोगों का कहना था कि ऐसी मानसिक स्थिति में वे माता-पिता को खुद गाड़ी चलाकर जाने नहीं देना चाहते थे।
कैप्टन मच्छर के कथित साहस पर जहां आवासीय सोसायटी को गर्व है, वहीं उनकी हालत को लेकर चिंता भी बनी हुई है। निवासी सऊदी अरब से उनके स्वास्थ्य की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन के स्वस्थ होकर मुंबई लौटने पर सोसायटी में भव्य स्वागत करने की योजना है।
कैप्टन मच्छर के बचपन के दोस्त प्रतीक गांधी ने उन्हें बचपन से ही शांत और संयमित बताया। दोनों साथ में क्रिकेट खेलते थे। एक पड़ोसी ने कहा कि कैप्टन ने विमान में सवार 180 से अधिक लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पड़ोसी के अनुसार, उन्होंने यात्रियों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार उनके गंभीर रूप से घायल होने को लेकर बेहद चिंतित है, लेकिन उन्हें कैप्टन के साहस पर गर्व भी है।
घाटकोपर के अन्य निवासियों ने भी कैप्टन मच्छर के माता-पिता और भाई के लिए प्रार्थना की तथा उनके साथ खड़े रहने की बात कही। चिकित्सा संबंधी अपडेट का इंतजार पूरे समुदाय के लिए कठिन बना हुआ है। फिलहाल परिवार और पड़ोसियों की सबसे बड़ी उम्मीद सऊदी अरब से उनकी हालत को लेकर राहत भरी खबर और उनके जल्द स्वस्थ होकर लौटने की है। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई यह घटना कॉकपिट सुरक्षा और विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवालों के बीच कैप्टन स्मित मच्छर के कथित प्रयास को अंतरराष्ट्रीय जांच का केंद्र बना चुकी है।