बेंगलुरु के 5-स्टार होटलों के किचन में मिला सड़ा खाना: एक्सपायर्ड दूध और फंगस वाली सब्जियां देख चौंके अधिकारी|
कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग और फूड सेफ्टी अधिकारियों ने बेंगलुरु के 26 प्रमुख होटलों और रिजॉर्ट्स में औचक छापेमारी कर सड़ी सब्जियां, एक्सपायर्ड दूध और गंभीर अनियमितताएं पकड़ीं।
फूड सेफ्टी अधिकारियों की टीम बेंगलुरु के एक होटल के किचन में साफ-सफाई और खाने के सामान की जांच करते हुए।
देश की सिलिकॉन वैली और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। महाराष्ट्र के बाद अब कर्नाटक में भी फूड सेफ्टी विंग ने मिलावटखोरों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले बड़े संस्थानों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाली फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीमों ने बेंगलुरु के पॉश और प्रतिष्ठित पांच सितारा होटलों तथा रिजॉर्ट्स में औचक छापेमारी की। इन प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी प्रतिष्ठानों के अंदर के हालात इतने बदतर मिले कि वहां की स्थिति देखकर खुद फूड सेफ्टी अधिकारी भी चौंक पड़े। होटलों के किचन में नियमों को ताक पर रखकर ग्राहकों की सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा था।
कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए इस बड़े कदम के तहत बेंगलुरु शहरी जिले के कुल 26 थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों की बारीकी से जांच की गई। इस पूरे अभियान को प्रभावी बनाने के लिए फूड सेफ्टी ऑफिसर्स की 30 विशेष टीमें मैदान में उतारी गईं थीं। जांच का यह दायरा बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के सभी जोन्स तक फैला हुआ था। अधिकारियों का मुख्य फोकस फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और उसके तहत निर्धारित किए गए तमाम कानूनी नियमों के कड़ाई से पालन की जांच करना था। जब इन टीमों ने बेंगलुरु के नामचीन होटलों के किचन और स्टोरेज रूम्स के दरवाजे खटखटाए, तो वहां की हकीकत ने सभी को हैरान कर दिया।
जांच के दौरान प्रीमियम होटलों की रसोई से जो खुलासे हुए, वे बेहद डरावने और चिंताजनक थे। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान किचन में सड़ी-गली सब्जियां, एक्सपायर हो चुका दूध और यहां तक कि फंगस लगी हुई सब्जियां भी बरामद हुईं। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों के रखरखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही थी, जहां शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को बिना किसी नियम के एक साथ रखा गया था। किचन और स्टोरेज एरिया में साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं था और वहां बड़े पैमाने पर एक्सपायर हो चुका ऐसा सामान रखा मिला जो इंसानी उपभोग के लिए पूरी तरह से असुरक्षित और हानिकारक था।
इस बड़े पैमाने पर चलाए गए निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने गुणवत्ता की जांच के लिए विभिन्न स्थानों से कुल 35 सैंपल अपने कब्जे में लिए। इन नमूनों में चिकन, मटन, मछली, खाने का तेल, दूध, मसाले, चाय पाउडर, चीज़, टमाटर सॉस, नींबू का रस और कई अन्य खाद्य सामग्रियां शामिल थीं। अधिकारियों ने इन सभी संकलित नमूनों को विस्तृत और गहन परीक्षण के लिए सरकारी प्रयोगशाला में भेज दिया है। विभाग का कहना है कि लैब रिपोर्ट के आधिकारिक नतीजे सामने आने के बाद दोषियों पर कानूनी शिकंजा और अधिक कसा जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस पूरी कार्रवाई के संबंध में कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने स्पष्ट किया कि इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राज्य के शीर्ष स्तर के होटल भी जनस्वास्थ्य से जुड़े फूड सेफ्टी नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को आधिकारिक रूप से कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
छापेमारी के दौरान जो खाद्य सामग्री एक्सपायर हो चुकी थी या खाने योग्य नहीं पाई गई, उसे मौके पर ही भारी मात्रा में जब्त कर पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। नष्ट किए गए सामान में मुख्य रूप से सड़ा हुआ मांस, मछली, सब्जियां, दूषित दूध और कई प्रकार के बेकरी उत्पाद शामिल थे। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने शहर के सभी होटल संचालकों और खाद्य व्यवसायियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करें। विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद से बेंगलुरु के आतिथ्य और होटल उद्योग में भारी हड़कंप मचा हुआ है और हर कोई अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।