दुर्घटनाग्रस्त सफेद कार और सड़क पर जुटी भीड़ उत्तर प्रदेश के झांसी में अतीक के बेटे आबान की मौत के संदर्भ में।

उत्तर प्रदेश के झांसी से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आई है। माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद के परिवार से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में, उनके छोटे बेटे आबान अहमद की एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई है। यह हादसा तब हुआ जब आबान और उनके कुछ साथी झांसी जेल में बंद अपने भाई अली अहमद से मिलने के लिए जा रहे थे। इस दुखद दुर्घटना में आबान के अलावा उनके एक अन्य साथी सोनू खान की भी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

यह भयानक सड़क दुर्घटना झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब साढ़े दस बजे झांसी की तरफ जा रही तेज रफ्तार क्रेटा कार अचानक अनियंत्रित हो गई। सड़क पर अचानक एक जानवर आ जाने के कारण चालक ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिससे गाड़ी का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और वाहन सीधे डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार और खतरनाक थी कि कार के अगले हिस्से के परखचे उड़ गए। आबान अहमद कार की आगे वाली सीट पर बैठे हुए थे, जिनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और उनके हाथ-पैर टूट गए।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय निवासी और सबसे पहले सहायता करने वाले दीपक यादव ने घटना की दिल दहला देने वाली दास्तां बताई। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त एसयूवी की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा लग रही थी। टक्कर के बाद गाड़ी के दरवाजे पूरी तरह से जाम हो चुके थे, जिसके चलते तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और पास के ही एक घर से लोहे की रॉड लाकर बड़ी मुश्किल से गाड़ी का दरवाजा खोला गया। दीपक के अनुसार, जब सबसे पहले एक युवक बाहर निकला तो उसने अपना नाम आबान बताया और दर्द से कराहते हुए कहा कि 'मुझे बचा लो।' इसके तुरंत बाद वह बेहोश हो गए। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने अन्य लोगों को भी बाहर निकाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले और घायल होने वाले सभी युवक प्रयागराज के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद शुरुआती दौर में पहचान को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति जरूर बनी थी, लेकिन पुलिस को दुर्घटनाग्रस्त कार के अंदर से एक शादी का निमंत्रण पत्र मिला। उसी कार्ड पर लिखे नामों और मोबाइल नंबरों के आधार पर उनके परिजनों से संपर्क साधा गया। इसके अलावा कार से बरामद मोबाइल फोन और अन्य जरूरी दस्तावेजों की मदद से मृतकों और घायलों की सही पहचान सुनिश्चित की जा सकी।

यह पूरा मामला कई कारणों से चर्चा और सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल, ये सभी लोग झांसी जेल में बंद अली अहमद से मिलने जा रहे थे। अली अहमद को उमेश पाल हत्याकांड और रंगदारी से जुड़े विभिन्न मामलों के सिलसिले में 1 अक्टूबर 2025 को प्रयागराज की नैनी जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झांसी जेल में स्थानांतरित किया गया था। गौरतलब है कि इससे पहले अतीक अहमद के एक अन्य बेटे असद अहमद की भी झांसी में ही एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो चुकी है। इस प्रकार एक बार फिर इस परिवार से जुड़ी इस बड़ी और दुखद दुर्घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।