Apple AI खर्च कटौती: इंजीनियरों के लिए दैनिक सीमा घटाई
कंपनियां एआई टूल्स के बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। ऐपल ने कर्मचारियों के लिए दैनिक खर्च सीमा घटाई है।
ऐप्पल कंपनी ने कर्मचारियों के एआई टूल्स के इस्तेमाल और खर्च की दैनिक सीमा को घटाया है।
एआई (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ-साथ अब Apple ने इस पर होने वाले खर्च को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। कंपनी ने अपने कर्मचारियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स तक पहुंच और उनके इस्तेमाल पर खर्च की सीमा सख्त करनी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple ने अक्टूबर में कुछ इंजीनियरों के लिए AI सेवाओं के इस्तेमाल की दैनिक खर्च सीमा करीब 300 डॉलर से घटाकर 200 डॉलर कर दी है। कंपनी अब इंजीनियरिंग और गैर-इंजीनियरिंग विभागों में भी खर्च की सीमा में और कटौती करने पर विचार कर रही है।
प्रस्तावित बदलावों के तहत कुछ इंजीनियरिंग टीमों के लिए दैनिक खर्च की सीमा घटाकर 100 डॉलर की जा सकती है। वहीं, गैर-इंजीनियरिंग विभागों के कर्मचारियों की दैनिक सीमा 100 डॉलर से घटाकर 25 डॉलर करने पर विचार किया जा रहा है। इन कदमों से संकेत मिलता है कि कंपनी बाहरी AI सेवाओं पर कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे खर्च की निगरानी और सख्त करना चाहती है, खासकर उन सेवाओं की, जिनके इस्तेमाल से लगातार अधिक लागत आती है।
AI सेवाओं का शुल्क आमतौर पर उनके इस्तेमाल के आधार पर लिया जाता है। इसमें टोकन भी शामिल होते हैं, जो किसी मॉडल द्वारा प्रोसेस किए जाने वाले टेक्स्ट और अन्य डेटा की मात्रा को मापते हैं। किसी मॉडल को भेजे जाने वाले अनुरोधों की संख्या और उनकी जटिलता बढ़ने के साथ खर्च भी बढ़ सकता है। खासतौर पर प्रोग्रामिंग और अन्य अधिक संसाधन मांगने वाले कार्यों में AI टूल्स का व्यापक इस्तेमाल लागत को काफी बढ़ा सकता है।
कंपनियों के सामने अब चुनौती यह है कि विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों में AI का इस्तेमाल बढ़ाते हुए उसके खर्च को कैसे नियंत्रित किया जाए, ताकि उन कर्मचारियों की पहुंच प्रभावित न हो जिनका काम इन टूल्स पर अधिक निर्भर है।
इस बीच, Apple उन कर्मचारियों को खर्च सीमा से छूट मांगने की अनुमति दे रही है, जिन्हें AI टूल्स के अधिक इस्तेमाल की आवश्यकता है। कुछ टीमों को अपेक्षाकृत कम लागत वाले AI मॉडल या ऐसे AI सिस्टम इस्तेमाल करने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं, जो सीधे डिवाइस पर काम करते हैं। इन उपायों से महंगी क्लाउड आधारित सेवाओं पर निर्भरता कम करने के साथ कर्मचारियों को विकास और परिचालन संबंधी कार्यों में AI का इस्तेमाल जारी रखने में मदद मिल सकती है।
कंपनी का यह तरीका व्यावसायिक जरूरतों और अलग-अलग AI टूल्स की लागत के आधार पर कर्मचारियों की पहुंच को नियंत्रित करने की रणनीति की ओर इशारा करता है।
AI पर खर्च को लेकर Apple का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब तकनीकी कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ उससे मिलने वाले वास्तविक लाभ का आकलन भी कर रही हैं। AI सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में मदद करने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने में उपयोगी साबित हो सकता है, लेकिन उन्नत AI मॉडल के अधिक इस्तेमाल से कंपनियों का परिचालन खर्च भी बढ़ता है।
Apple के इन रिपोर्टेड बदलावों से स्पष्ट होता है कि कंपनी AI के व्यापक इस्तेमाल और खर्च पर नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। तकनीकी क्षेत्र की अन्य कंपनियां भी AI पर होने वाले खर्च और निवेश से मिलने वाले लाभ की समीक्षा कर रही हैं। ऐसे में प्रयोग के स्तर से आगे बढ़कर AI को व्यावसायिक गतिविधियों में लागू करने के साथ लागत और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को लेकर कंपनियों की जवाबदेही बढ़ती दिखाई दे रही है।