तस्वीर में जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और बच्चे के परिजन पुलिस कार्यालय में बच्चे के शरीर पर आई चोटों को दिखाते हुए नजर आ रहे हैं।

सिरोही शहर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हाउसिंग बोर्ड में पहली कक्षा के छात्र के साथ शिक्षक द्वारा कथित रूप से मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विद्यालय के शिक्षक गजेंद्र सिंह ने छात्र दीक्षित वैष्णव के साथ मारपीट की, जिससे उसके शरीर पर चोटें आई हैं।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक संयम लोढ़ा छात्र के घर पहुंचे और उससे मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। परिजनों ने भी उन्हें घटना से अवगत कराया और बच्चे के शरीर पर आई चोटें दिखाईं।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद वे पुलिस थाने पहुंचे, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। उनका यह भी आरोप है कि बाद में एक पुलिस हेड कांस्टेबल द्वारा समझौते के लिए दबाव बनाया गया।

इसके बाद पूर्व विधायक संयम लोढ़ा छात्र और उसके परिजनों के साथ जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ से मिले और आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। लोढ़ा ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने डिप्टी को मुकदमा दर्ज करने, बच्चे का मेडिकल करवाने और आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद संयम लोढ़ा छात्र और उसके परिजनों के साथ जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर से भी मिले। उन्होंने कलेक्टर के समक्ष मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपी शिक्षक के खिलाफ कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई करने तथा विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी।

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि शिक्षक का दायित्व बच्चों को शिक्षा, संस्कार और सुरक्षा देना है, न कि उनके साथ हिंसा करना। पहली कक्षा के मासूम बच्चे के साथ मारपीट का आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी भी शिक्षक की बच्चों के साथ मारपीट करने की हिम्मत न हो।

इस दौरान सिरोही नगर कांग्रेस अध्यक्ष पुनीत कुमार जैन सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद अब निष्पक्ष जांच और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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