तस्वीर में दिख रहे देवीसिंह मीना गले में फूलों की माला पहने खड़े हैं।

टोडाभीम नगरपालिका के इतिहास में इस बार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्दलीय पार्षदों का कब्जा रहा। मंगलवार को हुए उपाध्यक्ष पद के चुनाव में वार्ड 28 से निर्दलीय पार्षद देवीसिंह मीना ने 27 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनकी प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय पार्षद रश्मि मीना को 7 वोट मिले, जबकि एक वोट निरस्त हुआ। निर्वाचन अधिकारी एवं एसडीएम अमन चौधरी ने देवीसिंह मीना को जीत का प्रमाण पत्र सौंपकर पद की शपथ दिलाई।

उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर सुबह से ही नगरपालिका परिसर में राजनीतिक हलचल रही। मतदान के लिए पार्षद दो अलग-अलग खेमों में नजर आए। दोनों खेमों के समर्थक पार्षदों को अपने-अपने वाहनों से मतदान केंद्र तक लेकर पहुंचे। इससे चुनाव को लेकर पार्षदों के बीच बने राजनीतिक समीकरण भी सामने आए।

उपाध्यक्ष पद के लिए तीन निर्दलीय पार्षदों ने नामांकन दाखिल किया था। इनमें रश्मि मीना, देवीसिंह मीना और रेखा मीना शामिल थीं। नाम वापसी के दौरान रेखा मीना ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद चुनाव में रश्मि मीना और देवीसिंह मीना के बीच सीधा मुकाबला रह गया। मतदान के बाद हुई मतगणना में देवीसिंह मीना को 27 वोट मिले, जबकि रश्मि मीना के खाते में 7 वोट आए। एक मत निरस्त हुआ।

इस बार 35 सदस्यीय नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस के 14, भाजपा के 6 और निर्दलीय 15 पार्षद निर्वाचित होकर आए हैं। बहुमत का आंकड़ा 18 है। ऐसे में 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बोर्ड गठन से लेकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव तक महत्वपूर्ण रही। अध्यक्ष पद पर भी निर्दलीय ललिता बैरवा निर्वाचित हुई थीं। अब उपाध्यक्ष पद पर भी निर्दलीय देवीसिंह मीना की जीत के बाद बोर्ड में निर्दलीयों की राजनीतिक भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस ने ललिता बैरवा को समर्थन दिया था। इसके बाद उपाध्यक्ष चुनाव में भी कांग्रेस के समर्थन से निर्दलीय पार्षद देवीसिंह मीना के पक्ष में राजनीतिक समीकरण बने। चुनाव परिणाम से यह स्पष्ट हुआ कि इस बार नगरपालिका बोर्ड में किसी एक राजनीतिक दल के बजाय निर्दलीय पार्षदों की संख्या और उनका समर्थन निर्णायक भूमिका में है।

देवीसिंह मीना वार्ड 28 से निर्दलीय चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं। निकाय चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। खास बात यह है कि उन्होंने पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ा और सीधे उपाध्यक्ष पद तक पहुंचे।

देवीसिंह मीना पूर्व विधायक पृथ्वीराज मीना के समर्थक बताए जा रहे हैं। उन्हीं के प्रयासों से देवीसिंह मीना पहली बार में ही उपाध्यक्ष पद तक पहुंचने में सफल हुए हैं। उनका इससे पहले सक्रिय राजनीति में कोई खास जुड़ाव नहीं रहा है। देवीसिंह की उम्र 38 वर्ष है और उनका व्यवसाय कृषि है।

देवीसिंह मीना के उपाध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद समर्थकों ने उनका स्वागत किया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर निर्दलीयों के निर्वाचन से टोडाभीम नगरपालिका का नया राजनीतिक समीकरण चर्चा का विषय बना हुआ है।

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