तस्वीर में सवाई माधोपुर में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस महासम्मेलन के दौरान अतिथि और पदाधिकारी एक स्मृति चिन्ह थामे नजर आ रहे हैं।

सवाई माधोपुर में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित विश्व आदिवासी दिवस महासम्मेलन में आदिवासी समाज के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लिया। महासम्मेलन में समाज की एकता, अधिकारों और सामाजिक विकास के साथ संस्कृति, पहचान, शिक्षा, रोजगार तथा संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

महासम्मेलन में मुख्य अतिथि सोमजी भाई डामोर (राष्ट्रीय अध्यक्ष) एवं फगन सिंह कुलस्ते (कार्यकारी अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं संसदीय समिति) सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में KC घुमरिया जी (प्रदेशाध्यक्ष), शंकर लाल बालोत जी, रुदमल जी, ममता मीना (महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष), सुरज्ञान जी, अमरसिंह जी, धनपाल जी, गोकुल जी, रतनलाल जी, भवानी शंकर मीना (जिलाध्यक्ष), राकेश मीना (कोषाध्यक्ष), मीठालाल मीना (तहसील अध्यक्ष), मुल्कराज मीना, हरिसिंह जी, लाखन सिंह एडवोकेट, पवन जी एडवोकेट एवं घमंडी राम सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

महासम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की एकता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, रोजगार के अवसर प्राप्त करने तथा संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए संगठित होकर प्रयास करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जल, जंगल और जमीन, आदिवासी समाज की पहचान एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा को लेकर भी जागरूकता का संदेश दिया गया। समाज के विकास में महिला शक्ति की भागीदारी और युवाओं की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

महासम्मेलन के दौरान “जय जौहर, जय आदिवासी” के नारों से माहौल गूंज उठा। उपस्थित समाजबंधुओं ने आदिवासी समाज की एकता, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

आयोजकों ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि समाज की एकता, अधिकारों, पहचान और भविष्य के लिए संकल्प लेने का अवसर है। महासम्मेलन के माध्यम से समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।

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