तस्वीर में स्वच्छता जागरूकता अभियान के दौरान बैनर पकड़े हुए लोग और बैठे हुए विद्यार्थी नजर आ रहे हैं।

सवाई माधोपुर में स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देने और स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ के तहत गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ थीम पर जिले में 2 अक्टूबर तक स्वच्छता, जनभागीदारी, जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

आयुक्त नगर परिषद दलीप पूनिया ने बताया कि अभियान का उद्देश्य इसे एक दिवसीय सफाई अभियान तक सीमित रखने के बजाय सामूहिक स्वामित्व, व्यवहार परिवर्तन, जनभागीदारी एवं स्वच्छता के सतत रखरखाव को बढ़ावा देना है। इसके तहत स्वच्छता लक्षित इकाइयों को चिन्हित कर विशेष स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। ‘स्वच्छ पाठशाला–युवा फॉर स्वच्छता’ के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को भी स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। सफाई कार्य में लगे सफाई-मित्रों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।

शनिवार को अभियान के तहत अरमान शिक्षण संस्थान माध्यमिक विद्यालय, अंबेडकर नगर, खेरदा में नगर परिषद की सहयोगी संस्था सृजन सेवा संस्था की ओर से स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था की टीम ने विद्यालय स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी। इस दौरान कचरे के गीला, सूखा, हानिकारक एवं सेनेटरी चार प्रकारों के बारे में बताया गया तथा इन्हें अलग-अलग रखने और कचरा संग्रहण वाहन में ही डालने के लिए प्रेरित किया गया।

विद्यार्थियों एवं स्टाफ को खाली प्लॉट, सड़क एवं नालियों में कचरा नहीं डालने तथा सिंगल यूज पॉलीथिन का उपयोग बंद कर कपड़े की थैली अपनाने का संदेश भी दिया गया। विद्यालय परिवार ने संस्था की पहल की सराहना की।

आयुक्त दलीप पूनिया ने बताया कि अभियान के दौरान आमजन, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं एवं विभिन्न संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। इस वर्ष ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रति जागरूकता, विद्यार्थियों एवं युवाओं की भागीदारी, सामूहिक स्वामित्व तथा कबाड़ से उपयोगी उत्पाद एवं कला को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अभियान के तहत 2 अक्टूबर तक चलने वाली गतिविधियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के साथ जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन को केंद्र में रखा गया है, ताकि स्वच्छता अभियान को निरंतर गतिविधि के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।

Tags: