सवाई माधोपुर के हरसहाय जी का कटला में कान्हा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 22वें दस दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल श्रद्धालु।

सवाई माधोपुर। शहर के हरसहाय जी का कटला में कान्हा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित 22वां भव्य दस दिवसीय दुर्गा पूजा महोत्सव धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया जा रहा है। महोत्सव में प्रतिदिन कीर्तन, महाआरती और धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। बुधवार को आयोजित महाआरती में गांधी दर्शन समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनोद जैन और मिश्रीलाल गोटेवाले शामिल हुए।

11 अक्टूबर से शुरू हुआ यह महोत्सव 20 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। आयोजन के पहले दिन 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके बाद से ही प्रतिदिन श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। 12 अक्टूबर को भगवान शंकर और मां दुर्गा की मनमोहक झांकी सजाई गई। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दोपहर में महिलाओं की ओर से भक्तिमय कीर्तन और शाम 7 बजे महाआरती की जा रही है।

बुधवार को महाआरती और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद विनोद जैन और मिश्रीलाल गोटेवाले ने अपने संबोधन में पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनका जीवन भी इसी क्षेत्र से शुरू हुआ है और आज इस पावन अवसर पर यहां शामिल होने का सौभाग्य मिला है। दोनों नेताओं ने आयोजन के लिए कान्हा सेवा समिति के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। साथ ही विश्वास दिलाया कि समिति को जब भी उनकी आवश्यकता होगी, वे सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।

कान्हा सेवा समिति के सदस्य विनोद सैनी और नीरज मित्तल ने बताया कि महोत्सव की श्रृंखला में 15 अक्टूबर को श्री खाटू श्याम की विशाल भजन संध्या आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही प्रतिदिन रात में विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। 17 अक्टूबर को नन्हे बालक-बालिकाओं के सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

18 अक्टूबर को शाम 7 बजे 1100 दीपकों से मां दुर्गा की विशेष महाआरती की जाएगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को शाम 5 बजे हरसहाय जी के कटले से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा बस स्टैंड, मुख्य बाजार और दण्डवीर बालाजी होते हुए वापस कार्यक्रम स्थल पहुंचेगी। शोभायात्रा में सुसज्जित हाथी, ऊंट, घोड़े, अखाड़ेबाजों के प्रदर्शन, भव्य आतिशबाजी और पुष्प वर्षा विशेष आकर्षण रहेंगे।

महोत्सव के अंतिम दिन 20 अक्टूबर को सुबह छप्पन-पूजन किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध बस सेवा के माध्यम से खंडार स्थित रामेश्वर घाट पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। कान्हा सेवा समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रमों में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का निवेदन किया है।

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