तस्वीर में सवाई माधोपुर के जिला अस्पताल में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्साकर्मी और महिलाएं नजर आ रही हैं।

सवाई माधोपुर में विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत जिला अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने स्तनपान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह न केवल नवजात शिशु बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि बच्चे के जन्म के तुरंत बाद मां को आने वाला गाढ़ा, पीला दूध फैट की मात्रा में कम, लेकिन प्रोटीन और एंटीबॉडीज से भरपूर होता है। यही कारण है कि इसे बच्चे का पहला टीकाकरण माना जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे को एक बार दूध पिलाने के बाद दूध की प्रकृति बदल जाती है। शुरुआत में आने वाला दूध पतला होता है, जो बच्चे की प्यास बुझाता है, जबकि बाद में आने वाला दूध गाढ़ा और फैट से भरपूर होता है, जो बच्चे का पेट भरने के साथ उसके वजन बढ़ाने में भी मदद करता है।

डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि शोध में यह सामने आया है कि मां के दूध में डीएचए जैसे विशेष फैटी एसिड होते हैं, जो बच्चे के मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम के तेजी से विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कई स्टडीज में यह भी देखा गया है कि मां का दूध पीने वाले बच्चों का कॉग्निटिव स्कोर अपेक्षाकृत बेहतर होता है।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सियाराम मीना ने एसएनसीयू में स्तनपान से मां एवं बच्चों को होने वाले फायदों की जानकारी दी। इस अवसर पर रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, यशोदा तथा सीएलएमसी स्टाफ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी साझा की गई।

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