सवाई माधोपुर में मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर गर्भवती महिलाओं व बच्चों का हुआ टीकाकरण
सवाई माधोपुर में मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के तहत जिलेभर में गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण किया गया। अधिकारियों ने एमसीएचएन सत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान और स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनीटरिंग की।
तस्वीर में सवाई माधोपुर के एक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्साकर्मी द्वारा महिला को टीका लगाया जा रहा है, जबकि पीछे अन्य महिलाएं बैठी हैं।
सवाई माधोपुर। जिले में गुरुवार को मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएन डे) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा विभाग के कार्मिकों और आशा कार्यकर्ताओं ने जिलेभर में निर्धारित स्थलों पर टीकाकरण सत्र आयोजित कर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न सेवाएं प्रदान कीं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न एमसीएचएन सत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्थानों पर व्यवस्थाओं की जांच की गई तथा विभिन्न रजिस्टरों, पंजीकरण, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान एवं उनकी लाइन लिस्ट, जांच और टीकाकरण संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। उन्होंने क्षेत्र में आने वाली गर्भवती महिलाओं में से उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों को चिन्हित कर उनका उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सीएमएचओ ने बताया कि मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के तहत गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर उनकी प्रसव पूर्व जांच की गई तथा आवश्यक परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां वितरित की गईं। साथ ही उन्हें पोषण, स्वच्छता और समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। चिकित्सा दलों ने माताओं को सुरक्षित प्रसव और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहने की सलाह दी। इसके अलावा गर्भवतियों को मौसमी बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि जिले में माइक्रोप्लान के अनुसार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन किया गया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा विभिन्न सत्रों की लगातार मॉनीटरिंग भी की जा रही है। यह अभियान गर्भवती महिलाओं और बच्चों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।