तस्वीर में ग्रामीण महिलाएं रणथंभौर में वन्यजीव सप्ताह का पोस्टर लिए वाहन के पास खड़ी हैं।   

सवाई माधोपुर, 4 अक्टूबर। रणथंभौर बाघ परियोजना में वन्यजीव सप्ताह-2026 के तहत विद्यार्थियों और ग्रामीण महिलाओं को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के लिए जागरूकता गतिविधियां जारी हैं। 1 से 7 अक्टूबर तक मनाए जा रहे वन्यजीव सप्ताह के तहत वन भ्रमण, स्वच्छता कार्यक्रम, वन्यजीव आधारित प्रतियोगिताएं और पारंपरिक मंडाना गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक रणथंभौर बाघ परियोजना शारदा प्रताप सिंह तथा उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक मानस सिंह के निर्देशन में सोशियोलॉजिस्ट ममता साहू के संयोजन में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ पर आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, विवेकानंदपुरम के विद्यार्थियों का तिलक-माला एवं वाइल्डलाइफ कैप पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों को रणथंभौर नेशनल पार्क का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें जंगल के ईकोसिस्टम, ग्रासलैंड, जैव विविधता तथा वन एवं वन्यजीवों के महत्व की जानकारी दी गई। वन्यजीव आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग भी की गई।

गांधी जयंती पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रावल, भूरीपहाड़ी, डूंगरी, बसो कला, महारों, भावपुर एवं खिदरपुर जादौन के विद्यार्थियों के साथ स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। रावल विद्यालय की छात्राओं को जूट बैग वितरित किए गए और उन्हें जंगल भ्रमण भी कराया गया।

राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, माउंट आबू की छात्राओं को नेशनल पार्क का वन भ्रमण कराया गया। इस दौरान वन्यजीव आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

4 अक्टूबर को कुतलपुरा मालियान की ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिलाओं के लिए पारंपरिक ‘मंडाना’ प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें उन्होंने वन्यजीव एवं पर्यावरण आधारित मंडाने बनाकर लोककला के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।

ग्रामीण महिलाओं को रणथंभौर नेशनल पार्क का भ्रमण भी कराया गया। भ्रमण के दौरान उन्हें ईकोसिस्टम, ग्रासलैंड, वन संपदा, पक्षियों एवं वन्यजीवों के महत्व तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। प्रतिभागियों को जूट बैग भी वितरित किए गए।

मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक एस.पी. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं को प्रकृति और वन्यजीवों से जोड़ना वन्यजीव सप्ताह का प्रमुख उद्देश्य है। उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक मानस सिंह ने जंगलों को स्वच्छ रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का बहिष्कार करने तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने में सहभागिता का आह्वान किया।

वन्यजीव सप्ताह के तहत आगामी दिनों में भी स्थानीय विद्यालयों, ग्रामीणों एवं वन्यजीव प्रेमियों की सहभागिता से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस तरह सप्ताहभर चलने वाली गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को वन, वन्यजीव, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

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