श्री त्रिनेत्र गणेश जी का तीन दिवसीय लक्खी मेला 12 से 14 सितम्बर तक रणथम्भौर दुर्ग में आयोजित होगा। मुख्य मेला 14 सितम्बर को होगा। मेले को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन, सवाई माधोपुर की ओर से “श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान-2026” पहल शुरू की जा रही है। “स्वच्छ भंडारा-स्वस्थ मेला” थीम के तहत भंडारा संचालकों के स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रयासों का मूल्यांकन किया जाएगा।

जिला कलक्टर काना राम ने मेले में भंडारे लगाने वाले सभी सामाजिक संगठनों, समितियों, धार्मिक समूहों और सेवा भावी श्रद्धालुओं से इस पहल में उत्साहपूर्वक सहभागी बनने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भंडारा श्रद्धालु सेवा और परोपकार की समृद्ध परंपरा का हिस्सा है। श्रद्धालुओं को भोजन कराने के साथ स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और व्यवस्थित सेवा उपलब्ध कराना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है। इसी भावना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले भंडारों को “श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भंडारों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 21,000 रुपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 11,000 रुपए और तृतीय पुरस्कार के रूप में 5,100 रुपए दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रयास करने वाले पांच भंडारों को 1,100 रुपए प्रत्येक के सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। सभी विजेता और सम्मानित भंडारा संचालकों को प्रशस्ति-पत्र अथवा सम्मान-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

प्रतियोगिता में भंडारों का मूल्यांकन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें भंडारा परिसर की स्वच्छता एवं साफ-सफाई, खाद्य स्वच्छता एवं सुरक्षा, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण एवं निस्तारण, सिंगल यूज प्लास्टिक का निषेध और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग शामिल रहेगा। भोजन निर्माण एवं वितरण स्थल की स्वच्छता, खाद्य सामग्री एवं पेयजल की सुरक्षा तथा नियमित कचरा संग्रहण का भी आकलन किया जाएगा।

भोजन बनाने और परोसने वाले कार्मिकों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छता संबंधी जनजागरूकता तथा भंडारा परिसर की समग्र व्यवस्थाएं भी मूल्यांकन का हिस्सा रहेंगी। श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित कतार, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने के लिए साबुन-पानी, महिला, वरिष्ठ एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन तथा स्वयंसेवकों का अनुशासन एवं व्यवहार भी देखा जाएगा। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभिनव प्रयासों और समग्र सेवा व्यवस्था को भी विशेष महत्व दिया जाएगा।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक भंडारे के पास संबंधित ग्रामीण अथवा नगरीय निकाय की अनुमति होना अनिवार्य है। बिना सक्षम निकाय की अनुमति संचालित भंडारे प्रतियोगिता के लिए पात्र नहीं होंगे। जिला प्रशासन द्वारा गठित निरीक्षण दल भंडारों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेगा। आवश्यकता के अनुसार पूर्व सूचना के बिना भी निरीक्षण किया जा सकेगा। इस दौरान अनुमति का भी सत्यापन किया जाएगा।

जिला कलक्टर काना राम ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से भंडारा स्थलों और मेला परिसर में कचरा इधर-उधर नहीं डालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भोजन और प्रसादी के बाद बचा कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डाला जाए। श्रद्धालु भंडारा संचालकों और सफाई कर्मियों का सहयोग करें तथा स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

जिला कलक्टर ने कहा कि भक्ति, सेवा और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रशासन, भंडारा संचालकों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं की सामूहिक भागीदारी से त्रिनेत्र गणेश मेला स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने इसी उद्देश्य के साथ संदेश दिया है—“भक्ति भी-सेवा भी-स्वच्छता भी। स्वच्छ भंडारा-स्वस्थ मेला। गणेश जी की सेवा में, स्वच्छता का संकल्प।”

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