सवाई माधोपुर से बड़ी खबर सामने आई है। रणथंभौर दुर्ग के लिए जाने वाला रास्ता 30 अगस्त से 5 सितंबर तक बंद रहेगा। रास्ता बंद करने के पीछे बरसात के कारण खराब हुए मार्ग को दुरुस्त करने का कारण बताया जा रहा है, लेकिन इसी अवधि में मंदिर में बड़े स्तर पर बदलाव किए जाने की चर्चा सामने आ रही है।

सूत्रों के अनुसार, रास्ते की मरम्मत को आधार बनाकर मंदिर परिसर के स्वरूप में बदलाव की तैयारी की जा रही है। इस पूरे मामले में कुछ खास पत्रकारों की भी बड़ी भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है।

दावे के अनुसार, रास्ता दुरुस्त करना एक बहाना है और इसी की आड़ में मंदिर प्रांगण का स्वरूप बदले जाने की तैयारी है। इस कथित खेल में वन विभाग, पर्यटन विभाग और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के भी सेट होने की बात कही जा रही है।

30 अगस्त से 5 सितंबर तक रास्ता बंद रहने की अवधि में मंदिर परिसर में होने वाली गतिविधियों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। रास्ते को बंद करने के फैसले और इसी दौरान मंदिर प्रांगण के स्वरूप में संभावित बदलाव के बीच संबंध को लेकर स्थिति चर्चा में है।

मामले में सामने आए दावों के अनुसार, मंदिर परिसर में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर संबंधित विभागों और कुछ पत्रकारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आने की बात कही जा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 30 अगस्त से 5 सितंबर के बीच बंद रहने वाले रास्ते की आड़ में मंदिर प्रांगण में वास्तव में क्या बदलाव किए जाते हैं।

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