तस्वीर में पार्क में एक साथ बैठे राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रतिनिधि और पदाधिकारी।

राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री सोहन लाल गुप्ता ने सवाई माधोपुर में शिक्षकों से वार्तालाप कर संगठन की ओर से शिक्षकों के हित में किए जा रहे प्रयासों और आगामी शैक्षणिक सम्मेलन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षक संघ (सियाराम) जिला सवाई माधोपुर का दो दिवसीय शैक्षणिक सम्मेलन 18-19 को सैनी मैरिज होम में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सम्मेलन में अधिकतम संख्या में शिक्षकों के उपस्थित रहने का आह्वान किया।

सोहन लाल गुप्ता ने कहा कि राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) शिक्षकों के हित की बात करता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रयासों के कारण ही ग्रीष्मकालीन अवकाश की छुट्टी सभी शिक्षकों को मिली थी। उन्होंने कहा कि विगत कई वर्षों से जिला क्रीड़ा प्रतियोगिता का भुगतान नहीं किया जा रहा था, लेकिन शिक्षक संघ (सियाराम) के प्रयासों से अब जिला क्रीड़ा प्रतियोगिता करवाने वाले विद्यालय को भुगतान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कई समस्याएं हैं, जिन्हें शिक्षक संघ (सियाराम) समय-समय पर उठाता है और शिक्षकों के हित की बात करता है। उन्होंने बताया कि शिक्षक संघ (सियाराम) ही एकमात्र संगठन है, जिसने एसआईआर के कार्य में लगे सभी बीएलओ को सम्मान किया था।

वार्तालाप के दौरान शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं पर भी चर्चा हुई। इसमें तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण और प्रमोशन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षकों ने बताया कि विगत कई वर्षों से तृतीय श्रेणी अध्यापकों के स्थानांतरण और प्रमोशन नहीं हो रहे हैं। स्थायी एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाए जाने की मांग भी रखी गई।

इसके साथ ही शिक्षकों को लिपि के कार्य एवं गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति दिलाने की मांग पर चर्चा हुई। उप प्रधानाचार्य की ऑफलाइन जॉइनिंग होने के बाद अभी तक ऑनलाइन जॉइनिंग की काउंसलिंग नहीं हो पाने के कारण कई विद्यालयों में तीन-तीन वाइस प्रिंसिपल वर्तमान में कार्यरत हैं, जिससे छात्रों का नुकसान हो रहा है। इस समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया।

वर्ष 2018 की तृतीय श्रेणी शिक्षक के लिए एक वेतन वृद्धि के नुकसान के बारे में भी चर्चा की गई। कई विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या बहुत कम होने के कारण समानीकरण किए जाने की मांग रखी गई। महात्मा गांधी विद्यालय में शिक्षकों के पद स्वीकृत किए जाने तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याता के पद स्वीकृत किए जाने की मांग भी सामने आई, जिससे व्याख्याताओं को वेतन की परेशानियों से छुटकारा मिल सके।

इस अवसर पर जिला महामंत्री हरिशंकर गुर्जर, पदम जी, राम अवतार मीना, राकेश जी, देवेंद्र जी खंडार एवं अन्य अध्यापक उपस्थित हुए।

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