राजस्थान पुलिस: नवरात्रि में गरबा-डांडिया स्थलों पर सुरक्षा के लिए 'शक्ति सुरक्षा अभियान'
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी, डिकॉय ऑपरेशन और कालिका पेट्रोलिंग टीमें तैनात की जाएंगी।
नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में शामिल होने वाली महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस प्रदेशभर में ‘शक्ति सुरक्षा अभियान’ चलाएगी। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार संचालित होने वाले इस अभियान में छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई के लिए विशेष निगरानी, डिकॉय ऑपरेशन और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। अभियान के तहत कार्यक्रम स्थलों के साथ-साथ आयोजन समाप्त होने के बाद महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सवाई माधोपुर, 10 अक्टूबर। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस कम्युनिटी पुलिसिंग एवं जन-अभियोग लता मनोज कुमार ने अभियान के संबंध में सभी जिला पुलिस अधीक्षकों तथा जयपुर एवं जोधपुर के पुलिस उपायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रमुख गरबा-डांडिया स्थलों को चिह्नित कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आयोजन के दौरान और उसके बाद भी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
संवेदनशील और अधिक भीड़भाड़ वाले आयोजन स्थलों पर कालिका पेट्रोलिंग टीमों के साथ पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। आवश्यकता के अनुसार सादे वस्त्रों में महिला पुलिसकर्मियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए डिकॉय ऑपरेशन भी संचालित किए जाएंगे। ऐसे मामलों में नियमानुसार प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
प्रमुख गरबा-डांडिया स्थलों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित कर महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजन स्थलों पर महिला हेल्पलाइन, राजकॉप और अन्य आवश्यक पुलिस संपर्क माध्यमों की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। इसके साथ ही क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं संबंधित माध्यमों से पुलिस से संपर्क कर सकें।
बड़े आयोजनों से पहले पुलिस अधिकारी आयोजनकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी देंगे। आयोजकों को महिला सुरक्षा के लिए नियुक्त सिक्योरिटी वॉलंटियर्स की सूची संबंधित पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी। आयोजन स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। प्रवेश द्वारों पर पहचान-पत्र और डिजिटल पास की सख्ती से जांच होगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
पुलिस की निगरानी केवल आयोजन स्थलों तक सीमित नहीं रहेगी। कार्यक्रमों के प्रवेश और निकास द्वारों, पार्किंग क्षेत्रों तथा पार्किंग से आयोजन स्थल तक आने-जाने वाले मार्गों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। इन स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी। जरूरत के अनुसार महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया जाएगा, ताकि महिलाओं को आवागमन के दौरान सुरक्षा मिल सके।
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑटो और टैक्सी चालकों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके तहत चालकों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सहायता प्राप्त करने के बारे में जागरूक किया जाएगा। महिला सुरक्षा हेल्पलाइन से संबंधित स्टीकर ऑटो, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों पर प्रदर्शित करवाए जाएंगे।
अभियान को व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए युवा सामुदायिक समन्वय समूह (Y-CLG) के सदस्यों और सुरक्षा सखियों की भी मदद ली जाएगी। नवरात्रि शुरू होने से पहले जिला पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन तथा पुलिस सहायता से संबंधित जानकारी का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी को पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कालिका पेट्रोलिंग टीमों और महिला पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय स्तर पर सम्मानित करने के लिए चयनित किया जाएगा। इस तरह ‘शक्ति सुरक्षा अभियान’ के तहत राजस्थान पुलिस गरबा-डांडिया आयोजनों से लेकर महिलाओं की आवाजाही और आपातकालीन सहायता तक सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर निगरानी रखेगी।