पंचायतीराज चुनाव 2026: सवाई माधोपुर में संभावित प्रत्याशियों को नामांकन और निर्वाचन नियमों की दी गई जानकारी
नामांकन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और नियमों की जानकारी देकर संभावित प्रत्याशियों को त्रुटिमुक्त आवेदन के लिए प्रशिक्षित किया गया।
सवाई माधोपुर में पंचायतीराज चुनाव 2026 के मद्देनजर आयोजित प्रबोधन कार्यशाला में भाग लेते अधिकारी और संभावित प्रत्याशी।
राजस्थान में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 की तैयारियों के तहत सवाई माधोपुर जिले की सभी पंचायत समितियों में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, पंच और सरपंच पदों के संभावित प्रत्याशियों के लिए शनिवार, 10 अक्टूबर को प्रबोधन कार्यशालाएं आयोजित की गईं। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान, जयपुर के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में आयोजित इन कार्यशालाओं में संभावित प्रत्याशियों को नामांकन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों, पात्रता और निर्वाचन नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही नामांकन पत्र भरते समय होने वाली त्रुटियों से बचने के निर्देश दिए गए।
सवाई माधोपुर में जिला परिषद सभागार, मलारना डूंगर में भारत निर्माण सेवा केन्द्र तथा वजीरपुर में उपखंड अधिकारी कार्यालय सहित जिले के अन्य पंचायत समिति मुख्यालयों पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनका उद्देश्य पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में भाग लेने के इच्छुक संभावित प्रत्याशियों को निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया से अवगत कराना था।
कार्यशालाओं में जिला स्तरीय प्रशिक्षकों और संबंधित अधिकारियों ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से नाम निर्देशन पत्र भरने, आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने, नामांकन पत्रों की संवीक्षा, नाम वापसी और निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान लागू नियमों की जानकारी दी। इस दौरान संभावित प्रत्याशियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के अनुसार नामांकन प्रस्तुत कर सकें।
प्रशिक्षकों ने बताया कि नामांकन पत्र सार्वजनिक सूचना जारी होने के दिन से निर्धारित अंतिम तिथि तक प्रस्तुत किए जा सकते हैं, लेकिन संबंधित दिन सार्वजनिक अवकाश नहीं होना चाहिए। पंचायत समिति सदस्य पद के लिए अभ्यर्थी का संबंधित पंचायत समिति के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना आवश्यक है। इसी प्रकार जिला परिषद सदस्य पद के लिए अभ्यर्थी संबंधित जिला परिषद के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए।
नामांकन पत्र पर अभ्यर्थी और प्रस्तावक के हस्ताक्षर अनिवार्य बताए गए। प्रस्तावक का उसी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होना जरूरी है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल द्वारा स्थापित अभ्यर्थी के लिए एक प्रस्तावक, जबकि अन्य अभ्यर्थियों के लिए पांच प्रस्तावक आवश्यक होंगे। एक प्रस्तावक एक से अधिक अभ्यर्थियों का नामांकन प्रस्तावित नहीं कर सकता। आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को संबंधित श्रेणी का सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र भी नामांकन पत्र के साथ संलग्न करना होगा।
कार्यशालाओं में नामांकन पत्रों में आवश्यक सूचनाएं भरने, दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नामांकन निरस्त होने की परिस्थितियों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। संभावित प्रत्याशियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करें और निर्धारित प्रक्रिया व समय-सीमा के अनुरूप ही नामांकन प्रस्तुत करें। दस्तावेजों में कमी अथवा निर्धारित नियमों की अनदेखी से नामांकन निरस्त होने की स्थिति बन सकती है।
इसके अतिरिक्त बताया गया कि पूर्व में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच अथवा अन्य संबंधित पदों पर रहे अभ्यर्थियों को नियमानुसार संबंधित संस्था से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना होगा। वहीं, प्रशासक के पद पर कार्यरत व्यक्ति के चुनाव लड़ने की स्थिति में लागू प्रावधानों के अनुसार पद से त्यागपत्र देना अनिवार्य होगा।
कार्यशालाओं में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी, निर्वाचन कार्मिक, प्रशिक्षक, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और संभावित प्रत्याशी उपस्थित रहे। निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देकर नामांकन संबंधी त्रुटियों को रोकने और चुनाव संचालन को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग सुनिश्चित करना इन कार्यशालाओं का प्रमुख उद्देश्य रहा।A