राजस्थान में दीपावली के अवसर पर राज्य सरकार ने किसानों को राहत देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 345 करोड़ रुपये के लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में किए गए इस भुगतान से प्राकृतिक आपदाओं, सूखे और प्रतिकूल मौसम के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को आर्थिक सहायता मिली है। प्रदेश के नौ जिलों के पात्र बीमित किसानों को इस पहल का लाभ मिला है।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मार्गदर्शन में कृषि विभाग लंबित फसल बीमा दावों के निस्तारण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में जयपुर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, पाली, सिरोही, चूरू, जालोर और डूंगरपुर जिलों के पात्र किसानों के बीमा दावों के भुगतान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

रबी 2025-26 के दौरान सूखे से प्रभावित पश्चिमी राजस्थान के किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 318 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान करवाया है। कृषि आयुक्त के अनुसार, अधिसूचित बीमा कंपनियों एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से यह राशि किसानों तक पहुंचाई गई है।

जिलेवार भुगतान के तहत बाड़मेर के किसानों को 53.60 करोड़ रुपये, बीकानेर को 116 करोड़ रुपये, जोधपुर को 48 करोड़ रुपये, पाली को 31 करोड़ रुपये, चूरू को 25.85 करोड़ रुपये और जालोर के पात्र किसानों को 43.58 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान किया गया है। इस राशि से सूखे के कारण फसल नुकसान का सामना करने वाले किसानों को आर्थिक राहत मिली है।

लंबित बीमा दावों के निस्तारण में राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति के निर्णयों पर भी कार्रवाई की गई है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि हाल ही में आयोजित समिति की बैठक में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की आपत्तियों को अस्वीकार करते हुए डूंगरपुर और जालोर जिलों के किसानों के 17.60 करोड़ रुपये के लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे।

कृषि विभाग ने इन निर्देशों की तत्काल पालना सुनिश्चित कराई। इसके तहत जालोर जिले के खरीफ 2024 के लंबित फसल बीमा दावों के 10.64 करोड़ रुपये और डूंगरपुर जिले के खरीफ 2025 के फसल बीमा दावों के 6.96 करोड़ रुपये संबंधित बीमा कंपनी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में जमा करवाए गए। इस कार्रवाई के जरिए बीमा कंपनियों के स्तर पर लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

जयपुर जिले की दूदू तहसील के किसानों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 9.50 करोड़ रुपये की राहत मिली है। खरीफ 2025 के दौरान दूदू तहसील की कुछ बीमा इकाइयों में निर्धारित संख्या में फसल कटाई प्रयोग संपादित नहीं होने के कारण किसानों के बीमा दावों का भुगतान अटक गया था।

राज्य सरकार के प्रयासों से उच्चतर औसत उपज के आधार पर पात्र बीमित किसानों के लंबित दावों का भुगतान करवाया गया। यह राशि अधिसूचित बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के माध्यम से किसानों को दी गई। इससे लंबे समय से बीमा राशि मिलने की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को आर्थिक राहत मिली है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और खेती को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सूखे और प्रतिकूल मौसम के कारण फसलों को नुकसान होने की स्थिति में किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि दीपावली पर लगभग 345 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान किसानों के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उनके परिश्रम के सम्मान और उनके परिवारों में खुशहाली लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र किसान फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए कृषि विभाग बीमा कंपनियों के साथ नियमित समन्वय कर रहा है। साथ ही लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा और किसानों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है।

राज्य सरकार ने किसानों की आय की सुरक्षा, कृषि जोखिमों को कम करने और संकट के समय अन्नदाताओं को आर्थिक संबल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है। लगभग 345 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान लंबित बीमा प्रकरणों के निस्तारण और प्रभावित किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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