राजस्थान: 10 अक्टूबर को चलेगा डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य शपथ अभियान
चिकित्सा विभाग की पहल से आमजन क्यूआर कोड और लिंक से शपथ लेकर प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकेंगे, स्कूलों और कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम जारी।
राजस्थान में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 10 अक्टूबर को प्रदेशभर में मानसिक स्वास्थ्य शपथ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत आमजन डिजिटल माध्यम से शपथ लेकर अभियान से जुड़ सकेंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रदेशवासियों से अभियान में भाग लेने और अपने आसपास के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की अपील की है।
राजस्थान में 10 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह मनाया जा रहा है। इसी के तहत 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य शपथ अभियान आयोजित किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तनाव, चिंता या किसी परेशानी के समय परिवार और दोस्तों से बात करना, एक-दूसरे को समझना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य की डिजिटल शपथ लेकर अभियान से जुड़ने और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, गायत्री राठौड़ ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना केवल एक दिन का प्रयास नहीं है, बल्कि इसके लिए लगातार काम करना जरूरी है। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों, सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की भागीदारी से अभियान को व्यापक बनाने पर जोर दिया। साथ ही, सभी से अधिक से अधिक लोगों को मानसिक स्वास्थ्य शपथ अभियान से जोड़ने का आह्वान किया।
गायत्री राठौड़ ने बताया कि आमजन अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करके या डिजिटल लिंक https://himsite.rajasthan.gov.in/manas पर जाकर मानसिक स्वास्थ्य की शपथ ले सकते हैं। शपथ लेने की प्रक्रिया आसान है और इसके बाद प्रमाण-पत्र भी डाउनलोड किया जा सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान स्कूलों और कॉलेजों में रैलियों, जागरूकता सभाओं सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों और युवाओं के साथ-साथ सरकारी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को भी डिजिटल शपथ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान के तहत मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों पर खुलकर बात करने और जरूरत के समय एक-दूसरे का साथ देने का संदेश दिया जा रहा है। किसी व्यक्ति को तनाव या परेशानी में देखकर उसकी बात सुनना और आवश्यकता पड़ने पर उसका साथ देना भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। डिजिटल शपथ अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।