रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में अवैध खनन पर सख्ती, बिना नंबर वाहनों और अतिक्रमण पर कार्रवाई के निर्देश
अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अवैध खनन और चंबल क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने के कड़े निर्देश दिए गए।
सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट सभागार में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार की अध्यक्षता में रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सुरक्षा और अवैध खनन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
सवाई माधोपुर में रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सुरक्षा, चंबल नदी क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक और वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) की अनुशंसाओं और निर्देशों की पालना के साथ वन्यजीवों की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने तथा पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर चर्चा हुई। बैठक में जिला कलक्टर काना राम, जिला पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खनन में प्रयुक्त वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने और संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर देते हुए बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पेट्रोल पंपों पर बिना नंबर वाले वाहनों को ईंधन नहीं देने और खुले में पेट्रोल-डीजल भरने की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
वन क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से सीसीटीवी कैमरों को शीघ्र क्रियाशील करने पर जोर दिया गया। नियमित गश्त और संयुक्त पेट्रोलिंग को मजबूत बनाने के साथ आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि रणथम्भौर टाइगर रिजर्व और आसपास के वन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
चंबल नदी के घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में अतिक्रमण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अभयारण्य के आसपास अतिक्रमण से संबंधित खसरों की पहचान, भूमि का सीमांकन और संवेदनशील स्थलों के संरक्षण पर चर्चा हुई। वहीं, रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सीमा के आसपास अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े प्रकरणों में अभिलेखों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। लंबित मामलों में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में वन्यजीव संरक्षण के साथ रणथम्भौर में पर्यटन सुविधाओं को व्यवस्थित बनाने पर भी ध्यान दिया गया। सफारी बुकिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने, आधिकारिक वेबसाइट के बेहतर प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श हुआ। गणेश धाम पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पर्यटकों को जिले के पर्यटन स्थलों, सफारी बुकिंग प्रक्रिया और वन्यजीव क्षेत्र में प्रवेश से संबंधित नियमों की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार ने सभी संबंधित विभागों को उच्चतम न्यायालय और सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने तथा निर्धारित समयावधि में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, अवैध खनन और अतिक्रमण पर नियंत्रण तथा पर्यटन गतिविधियों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रभावी अंतरविभागीय समन्वय बनाए रखने पर बल दिया।
बैठक में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक एसपी सिंह, उप वन संरक्षक मानस सिंह, उप वन संरक्षक सामाजिक वानिकी सुनील कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मोहित कासनिया सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सुरक्षा, चंबल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और पर्यटन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई करनी होगी।
फोटो कैप्शन: 9 पीआरओ 7 से 10 बैठक में विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार।