करौली में पंचायतीराज चुनाव 2026 की तैयारी तेज, संवेदनशील बूथों पर कड़ी निगरानी के निर्देश
करौली में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन प्रशासन द्वारा जोनल मजिस्ट्रेटों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
करौली कलेक्ट्रेट सभागार में 9 अक्टूबर 2026 को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर अक्षय गोदारा और पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल की अध्यक्षता में जोनल मजिस्ट्रेटों का निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
करौली में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जोनल मजिस्ट्रेटों का निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें मतदान प्रक्रिया, निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारियों, मतदान दलों के समन्वय, मतदान सामग्री की सुरक्षा और चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय गोदारा ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सभी निर्वाचन अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने में जोनल मजिस्ट्रेटों को अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभानी होगी। इसके लिए उन्होंने सभी जोनल मजिस्ट्रेटों को आवंटित क्षेत्रों के मतदान केंद्रों का पहले से निरीक्षण करने और वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।
अक्षय गोदारा ने मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, छाया, रैंप, शौचालय, सुगम आवागमन और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मतदान दलों की समयबद्ध रवानगी, मतदान सामग्री की सुरक्षित प्राप्ति एवं वितरण और मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सामग्री की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मतदान दिवस पर जोनल मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर मतदान प्रक्रिया की निगरानी करनी होगी। किसी भी मतदान केंद्र पर अव्यवस्था, मतदान में बाधा या अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों और जिला निर्वाचन नियंत्रण कक्ष को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान जोनल मजिस्ट्रेटों को पंचायतीराज संस्थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया, मतदान दलों के दायित्वों, मतदान केंद्रों पर प्रवेश के नियमों और मतदान शुरू होने से पहले की जाने वाली तैयारियों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मतपत्र एवं मतदान सामग्री के प्रबंधन, मतदान की गोपनीयता बनाए रखने, मतदान समाप्ति की प्रक्रिया और निर्वाचन अभिलेखों के संधारण से संबंधित प्रावधानों को समझाया गया।
निर्वाचन संबंधी कानूनी प्रावधानों के तहत राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994, संबंधित निर्वाचन नियमों और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। सार्वजनिक स्थानों पर अवरोध, लोक न्यूसेंस, मतदान में बाधा उत्पन्न करने वाली गतिविधियों और निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले मामलों में नियमानुसार की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने निर्वाचन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने तथा जोनल मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। मतदान केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने, अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा मतदाताओं को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। किसी भी विवाद या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
लोकेश सोनवाल ने संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्त, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था और मतदान दलों तथा निर्वाचन सामग्री की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर निगरानी रखने और किसी भी सूचना की पुष्टि के बाद नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जगदीश प्रसाद गौड़ ने जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्वाचन संबंधी दायित्वों और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने मतदान से पहले सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर जोर दिया। मतदान दलों की उपस्थिति, मतदान सामग्री, निर्धारित प्रपत्रों, सील, मतपेटियों अथवा संबंधित मतदान उपकरणों की उपलब्धता एवं सुरक्षा, मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं और मतदान दिवस पर सूचनाओं के समयबद्ध संप्रेषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
जगदीश प्रसाद गौड़ ने कहा कि सभी जोनल मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों, सेक्टर अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और मतदान दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें तथा निर्वाचन आयोग के निर्धारित दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण में संबंधित विभागों के अधिकारी, जोनल मजिस्ट्रेट और निर्वाचन कार्यों से जुड़े कार्मिक उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से दिए गए इन निर्देशों का उद्देश्य पंचायतीराज आम चुनाव-2026 के दौरान मतदान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना, संवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा मजबूत करना और मतदाताओं के लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है।