करौली के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में मानसिक स्वास्थ्य माह के अंतर्गत आयोजित मीडिया कार्यशाला में जानकारी देते विशेषज्ञ।

करौली में मानसिक स्वास्थ्य माह के अंतर्गत शुक्रवार, 9 अक्टूबर को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, मानसिक रोगों से जुड़ी भ्रांतियां दूर करने और समय पर उपचार का संदेश आमजन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्रसारित करने में सहयोग के लिए मीडिया के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक परेशानी को छिपाने या अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय समय पर उसकी पहचान करना, विशेषज्ञ से परामर्श लेना और उचित उपचार कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से यह जानकारी आमजन तक पहुंचाना विभाग का मुख्य उद्देश्य है।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. भुवनेश बंसल ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार से संबंधित सही एवं प्रामाणिक जानकारी लोगों तक पहुंचाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग से समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी और समय पर उपचार कराने का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचेगा।

मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज मीना ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि ‘राज ममता-मन दर्पण’ कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य स्वस्थ मन, सशक्त युवा एवं समृद्ध राजस्थान का निर्माण करना है। इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता मजबूत करने, मानसिक रोगों से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक कलंक (स्टिग्मा) को दूर करने तथा आमजन को सरकारी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. मीना ने बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य इकाई, करौली की ओर से हाल ही में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य, नशामुक्ति, आत्महत्या रोकथाम तथा मन दर्पण सहित कई जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गई हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाने और इससे जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

मानसिक स्वास्थ्य माह के अंतर्गत उपचार और काउंसलिंग के आंकड़े साझा करते हुए डॉ. प्रेमराज मीना ने बताया कि अब तक 856 मानसिक रोगियों का उपचार किया जा चुका है, जबकि इनमें से 726 मरीजों की विशेष काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग के दौरान 162 मरीज डिप्रेशन, 240 एंजायटी, 138 साइकोसोमेटिक डिसऑर्डर, 85 सिजोफ्रेनिया, 51 बाईपोलर और 77 मरीज तंबाकू की लत से पीड़ित पाए गए। शेष मरीज अन्य मानसिक रोगों से पीड़ित थे।

उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए आमजन से सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील की। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 पर चौबीसों घंटे संपर्क किया जा सकता है।

कार्यशाला में डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा, मानसिक स्वास्थ्य इकाई से गौरव गोयल, गौरव शर्मा और डीएएम कपिल बंसल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रामाणिक जानकारी प्रसारित करने, सामाजिक भ्रांतियां दूर करने और जरूरतमंदों को समय पर उपचार एवं परामर्श के लिए प्रेरित करने में मीडिया की भूमिका पर जोर दिया गया।

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