कोटा मंडल में ट्रेन में बदले यात्रियों के बैग, ₹1.96 लाख के आभूषण और नकदी सुरक्षित लौटाए
कोटा मंडल के गंगापुर सिटी स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय दो यात्रियों के बैग बदल गए। टीटीई और आरपीएफ की तत्परता से ₹1.96 लाख के आभूषण व नकदी सुरक्षित लौटाए गए। जानिए कैसे सुलझा पूरा मामला।
गंगापुर सिटी स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों और आरपीएफ द्वारा यात्री का छूटा हुआ बैग सुरक्षित लौटाए जाने के दौरान की तस्वीर।
कोटा मंडल के गंगापुर सिटी स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय दो यात्रियों के बैग आपस में बदल गए। एक यात्री गलती से दूसरे का बैग लेकर उतर गया, जबकि उसका अपना बैग ट्रेन में ही छूट गया। मामले की जानकारी मिलने पर रेलवे के टिकट चेकिंग स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बैग की पहचान की और उन्हें सही यात्रियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इस दौरान ₹1.96 लाख मूल्य के आभूषण और नकदी से भरा बैग भी सुरक्षित लौटाया गया।
पश्चिम मध्य रेल के कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि 29 अक्टूबर 2026 को गाड़ी संख्या 12059 के डी-1 कोच में यह घटना हुई। कोटा से गंगापुर सिटी की यात्रा कर रहे मानसिंह सीट संख्या 31 पर बैठे थे। ट्रेन से उतरते समय वे गलती से सीट संख्या 26 पर यात्रा कर रहे दूसरे यात्री का बैग लेकर उतर गए। दूसरा यात्री कोटा से मथुरा जा रहा था।
बैग बदलने का पता चलने पर मानसिंह ने गंगापुर सिटी स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात टीटीई श्री मनोज कुमार को इसकी जानकारी दी। टीटीई मनोज कुमार ने तत्काल वाणिज्य नियंत्रक, कोटा को सूचित किया और ट्रेन में कार्यरत टीटीई श्री नरेश कुमार मीना से संपर्क किया।
सूचना मिलते ही टीटीई नरेश कुमार मीना डी-1 कोच में पहुंचे और सीट संख्या 31 पर छूटे बैग की पहचान की। इसके बाद उन्होंने बैग को बयाना स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सौंप दिया।
बयाना में आरपीएफ के प्रधान आरक्षक श्री अमर सिंह ने बैग सुरक्षित प्राप्त किया। बाद में यात्री मानसिंह के बयाना आरपीएफ चौकी पहुंचने पर उप निरीक्षक श्री तुलसीराम मीना ने आवश्यक सत्यापन के बाद बैग उन्हें सुपुर्द कर दिया।
बैग में ₹1.30 लाख मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और ₹66,500 नकद रखे थे। इस तरह बैग में कुल ₹1,96,500 का सामान सुरक्षित मिला और यात्री को वापस लौटा दिया गया।
वहीं, मानसिंह द्वारा गलती से गंगापुर सिटी स्टेशन पर उतारे गए दूसरे यात्री के बैग को भी उसके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। रेलवे कर्मचारियों ने गाड़ी संख्या 12903 से बैग मथुरा भिजवाने की व्यवस्था की।
इस पूरे मामले को सुलझाने में टीटीई मनोज कुमार और नरेश कुमार मीना की त्वरित पहल तथा गंगापुर सिटी और बयाना के आरपीएफ कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय की भूमिका रही। अपना कीमती सामान सुरक्षित मिलने पर यात्री मानसिंह ने रेलवे कर्मचारियों और आरपीएफ का आभार व्यक्त किया।
रेलवे की ओर से ऑपरेशन अमानत के तहत यात्रियों के सामान की सुरक्षा और उसे सही व्यक्ति तक पहुंचाने की कार्रवाई की गई। इस मामले में दोनों यात्रियों के बैग की पहचान कर उन्हें सही यात्रियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।