दौसा और सवाई माधोपुर जिलों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए ईसरदा-दौसा परियोजना के तहत तैयार किया जा रहा 225 एमएलडी क्षमता का वॉटर फिल्टर प्लांट।

जयपुर/सवाई माधोपुर, 27 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में दौसा और सवाई माधोपुर जिलों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना का काम आगे बढ़ रहा है। करीब 3,588 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के माध्यम से 1,256 गांवों और 6 कस्बों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य है। परियोजना पूरी होने पर 3 लाख 6 हजार 198 से अधिक घरों में नल कनेक्शन के जरिए करीब 35 लाख लोगों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है।

दौसा और सवाई माधोपुर जिलों के समग्र विकास में पानी की कमी लंबे समय से बड़ी बाधा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकसित राजस्थान@2047 के संकल्प को पूरा करने में जल की महत्ता को ध्यान में रखते हुए दोनों जिलों सहित पूरे प्रदेश में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई कदम उठाए हैं। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना, किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना, यमुना जल समझौते और देवास परियोजना के अगले चरणों के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही वर्षों से लंबित अंतरराज्यीय विवादों का समाधान किया गया और घोषणाओं के समय ही पूरे बजट की व्यवस्था की गई, ताकि विकास कार्य निर्धारित समयसीमा से पहले धरातल पर उतारे जा सकें।

डबल इंजन सरकार 91,000 करोड़ रुपये की संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के माध्यम से दोनों जिलों सहित पूरे पूर्वी राजस्थान में पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे खेती, उद्योग और पेयजल के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इस परियोजना के तहत 23,312 करोड़ रुपये की लागत वाले 7 पेयजल कार्य प्रगति पर हैं।

ईसरदा बांध के पानी को उपचारित कर गांवों और कस्बों तक पहुंचाने वाली ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। परियोजना के अंतर्गत 225 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट तैयार किया जा रहा है। फिलहाल प्लांट की टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम चल रहा है। ईसरदा बांध स्थित इंटेक वेल से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा चुका है।

परियोजना के प्रथम पैकेज में ईसरदा इंटेक वेल से महुआ तक 341 किलोमीटर लंबी मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसमें से अब तक 299 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। ईसरदा और बगड़ी में स्वच्छ जलाशयों तथा फिल्टर प्लांट का निर्माण भी पूरा हो गया है। प्रथम पैकेज पर अब तक 1,006 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। ईसरदा बांध पर इंटेक वेल और पंप हाउस भवन का निर्माण भी पूरा हो चुका है। यह कार्य द्वितीय पैकेज के तहत कराया गया है।

परियोजना के तहत विभिन्न क्लस्टरों में पेयजल नेटवर्क का काम भी आगे बढ़ रहा है। लालसोट क्लस्टर में 302 गांवों और लालसोट शहर को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। यहां 124.7 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि 11 उच्च जलाशयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

दौसा क्लस्टर में 248 गांवों और दौसा शहर को पेयजल नेटवर्क से जोड़ने के लिए 1,709 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव है। इसमें से 154 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है। यहां प्रस्तावित 52 उच्च जलाशयों में से 11 और 9 स्वच्छ जलाशयों में से 2 का निर्माण कार्य चल रहा है।

बसवा क्लस्टर में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को पेयजल सुविधा का लाभ मिलेगा। यहां प्रस्तावित 2,077 किलोमीटर पाइपलाइन में से 1,801 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है। इस पैकेज पर अब तक 217.17 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं, महुआ क्लस्टर में प्रस्तावित 315 किलोमीटर पाइपलाइन में से 244 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। इस कार्य पर अब तक 60.74 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

परियोजना का विस्तार सवाई माधोपुर जिले तक भी किया जा रहा है। छठे पैकेज के तहत बौंली तहसील के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों सहित कुल 177 गांवों को पेयजल सुविधा से जोड़ने की योजना है। इसके लिए 260.62 करोड़ रुपये का कार्यादेश जारी किया जा चुका है।

परियोजना के शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गति दी जा रही है। नवंबर तक शहरी क्षेत्रों में मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का प्रस्तावित लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आवश्यक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां चरणबद्ध तरीके से पेयजल नेटवर्क के कनेक्शन जोड़कर जलापूर्ति शुरू की जाएगी। परियोजना के विभिन्न पैकेजों में चल रहे निर्माण कार्यों और निर्धारित लक्ष्यों के पूरा होने से दौसा तथा सवाई माधोपुर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।

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