तस्वीर में ईसरदा पेयजल परियोजना का जल शोधन और फिल्टर प्लांट नजर आ रहा है।

ईसरदा बांध परियोजना दौसा और सवाई माधोपुर सहित आसपास के क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर जल’ और ‘जल सुरक्षा’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जल संसाधनों के समुचित उपयोग और पेयजल उपलब्धता को लेकर तेजी से कार्य कर रही है। करीब 3 हजार 588 करोड़ रुपये की ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना अब निर्माण से जलापूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है।

परियोजना के तहत 1 हजार 256 गांवों और 6 कस्बों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत 3 लाख 6 हजार 198 से अधिक जल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे करीब 35 लाख आबादी को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल का लाभ मिलेगा।

परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में 225 एमएलडी क्षमता के फिल्टर प्लांट का तैयार होना शामिल है। फिलहाल प्लांट की टेस्टिंग और कमिशनिंग का कार्य चल रहा है। ईसरदा बांध स्थित इंटेक वेल से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा चुका है। अब बांध के पानी को उपचारित कर विशाल पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से लोगों के घरों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।

परियोजना के प्रथम पैकेज में ईसरदा इंटेक वेल से महुआ तक 341 किलोमीटर मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन प्रस्तावित है। इसमें से करीब 299 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। ईसरदा और बगड़ी में स्वच्छ जलाशयों तथा फिल्टर प्लांट का निर्माण भी पूरा हो चुका है। प्रथम पैकेज पर अब तक 1,005.60 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। ईसरदा बांध पर इंटेक वेल एवं पंप हाउस का भवन निर्माण भी पूरा हो चुका है। यह कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा द्वितीय पैकेज के तहत कराया गया है।

पेयजल नेटवर्क को विभिन्न क्लस्टरों में आगे बढ़ाया जा रहा है। लालसोट क्लस्टर में 302 गांवों और लालसोट शहर को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। यहां 2,002 किलोमीटर पाइपलाइन में से 124.7 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है तथा 47 में से 11 उच्च जलाशयों का निर्माण प्रगति पर है।

दौसा क्लस्टर में 248 गांवों एवं दौसा शहर को नेटवर्क से जोड़ने के लिए 1,709 किलोमीटर पाइपलाइन प्रस्तावित है। इसमें से 154 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। 52 उच्च जलाशयों में से 11 तथा 9 स्वच्छ जलाशयों में से 2 का निर्माण प्रगतिरत है।

बसवा क्लस्टर में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को पेयजल नेटवर्क का लाभ मिलेगा। यहां प्रस्तावित 2,077 किलोमीटर पाइपलाइन में से 1,801 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। इस पैकेज पर अब तक 217.17 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इसी प्रकार महुआ क्लस्टर में प्रस्तावित 315 किलोमीटर पाइपलाइन में से 244 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है और इस कार्य पर 60.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

परियोजना का विस्तार सवाई माधोपुर जिले तक भी किया जा रहा है। षष्ठम पैकेज में बौंली तहसील के 99, मलारना डूंगर के 61 तथा चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों सहित कुल 177 गांवों को पेयजल सुविधा से लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 260.62 करोड़ रुपये का कार्यादेश 6 सितंबर 2025 को जारी किया जा चुका है।

परियोजना के शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ गति दी जा रही है। नवंबर तक शहरी क्षेत्रों को मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही जिन ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां चरणबद्ध रूप से पेयजल नेटवर्क से कनेक्शन जोड़कर जलापूर्ति शुरू की जाएगी।

ईसरदा का पानी अब केवल एक बांध का जल नहीं, बल्कि दौसा और सवाई माधोपुर के लाखों लोगों के लिए दीर्घकालीन, गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित पेयजल आपूर्ति की उम्मीद बन रहा है। विशाल ट्रांसमिशन नेटवर्क, फिल्टर प्लांट, जलाशयों और वितरण तंत्र के रूप में तैयार हो रहा यह ढांचा आने वाले समय में दोनों जिलों के पेयजल प्रबंधन को नई दिशा दे सकता है। परियोजना के विभिन्न पैकेजों में तेजी से आगे बढ़ते कार्य इस बदलाव की आधारशिला तैयार कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा राजस्थान की जल परियोजनाओं को निरंतर प्राथमिकता दिए जाने तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से आने वाले समय में ईसरदा बांध से क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। साथ ही, लाखों लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

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