तस्वीर में बरनाला तहसील के रामसिंहपुरा के समीप ईसरदा-बंध बरेठा परियोजना की खुली नहर के विरोध में आयोजित महापंचायत में बैठे किसान दिखाई दे रहे हैं।

रविवार को ईसरदा-बंध बरेठा परियोजना की खुली नहर के विरोध में बरनाला तहसील के रामसिंहपुरा पुलिस चौकी के समीप किसानों की विशाल महापंचायत आयोजित हुई। इसमें भूमि प्रभावित किसानों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। महापंचायत में किसानों ने ईसरदा से बंध बरेठा तक पानी खुली नहर के बजाय पाइपलाइन के माध्यम से ले जाने की मांग उठाई।

किसानों का कहना था कि परियोजना से प्रभावित होने वाली भूमि और किसानों की समस्याओं को देखते हुए पाइपलाइन विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए। किसानों ने जयपुर की फैक्ट्रियों से निकलने वाले रसायनयुक्त पानी के मोरेल बांध तक पहुंचने की समस्या का भी स्थायी समाधान करने की मांग रखी। उनका कहना था कि क्षेत्र के जलस्रोतों और कृषि पर प्रदूषित पानी के प्रभाव को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

महापंचायत के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर रामसिंहपुरा चौकी पुलिस के एएसआई विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तथा बरनाला तहसील प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। महापंचायत का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट एवं किसान सभा जिलाध्यक्ष कांजी मीणा के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान किसानों ने परियोजना से जुड़ी अपनी मांगों और भूमि प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

महापंचायत में प्रदेश मंत्री किसान बत्तीलाल, पूर्व विधायक सवाई माधोपुर मोतीलाल मीणा, युवा प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर मीणा, डॉ. शंकरलाल मीणा, राकेश सांचोली, आशुतोष गोयल, भरतलाल मैनेजर, नानजी पटेल, हंसराज सरपंच, हरिप्रसाद सरपंच, विष्णु उर्फ अल्लू गुप्ता, अंजू एडवोकेट सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। महापंचायत में किसानों की प्रमुख मांग ईसरदा से बंध बरेठा तक पानी पहुंचाने के लिए खुली नहर के स्थान पर पाइपलाइन का विकल्प अपनाने और क्षेत्र में प्रदूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान की रही।

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