शिवाड़ के घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के विकास को मिली बड़ी मंजूरी, 4.26 करोड़ रुपये स्वीकृत
शिवाड़ के घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 4.26 करोड़ रुपये के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी, सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद।
सवाई माधोपुर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थल शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल के विशेष प्रयासों से पर्यटन विभाग की समीक्षा समिति की बैठक में घुश्मेश्वर महादेव मंदिर, शिवाड़ के पर्यटन विकास कार्यों के लिए बीएसआर-2026 के आधार पर तैयार 4 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये के संशोधित प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया है।
पर्यटन विभाग की ओर से 12 अगस्त 2026 को आयोजित समीक्षा समिति की बैठक में 2 करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले पर्यटन विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों की परियोजनावार समीक्षा एवं परीक्षण किया गया। बैठक में सवाई माधोपुर जिले के शिवाड़ स्थित घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के लिए पूर्व में प्रस्तावित 387.24 लाख रुपये की परियोजना राशि के स्थान पर कार्यकारी एजेंसी द्वारा बीएसआर-2026 के आधार पर तैयार 425.97 लाख रुपये के संशोधित प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
घुश्मेश्वर महादेव मंदिर शिवाड़ क्षेत्र का महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल है। यहां पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए लंबे समय से क्षेत्रवासियों की ओर से पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की मांग की जाती रही है। प्रस्तावित विकास कार्यों से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन विभाग की समीक्षा समिति की बैठक में विभिन्न जिलों के पर्यटन विकास प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। संबंधित कार्यकारी एजेंसियों को आवश्यकतानुसार संशोधित एवं युक्तियुक्त प्रस्ताव तैयार कर पर्यटन निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए।
शिवाड़ में पर्यटन सुविधाओं के विकास से स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, रोजगार एवं आजीविका के अवसरों में वृद्धि होने तथा क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में सहायता मिलने की संभावना है। घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के लिए संशोधित प्रस्ताव का अनुमोदन जिले में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।