तस्वीर में गंगापुर सिटी में हॉल के फर्श पर बैठकर बैठक करते लोग दिखाई दे रहे हैं।   

गंगापुर सिटी में सवर्ण संघर्ष समिति की बैठक में आगामी पंचायत समिति एवं जिला परिषद चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। भगवती पैलेस में सोमवार शाम 5:00 बजे आयोजित बैठक में समिति ने राजनीतिक दलों का विरोध करते हुए समर्थित उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया। बैठक की शुरुआत गणेश जी महाराज के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई।

बैठक में अनुज शर्मा, कृष्ण कुमार उपाध्याय, बालासाहेब, राजेंद्र प्रसाद वैद्य, वेद प्रकाश मंगल, महेश पाल सिंह जादौन, शैलेंद्र शर्मा, रविंद्र खंडेलवाल, हेमेंद्र बोहरा, लवली मिश्रा, चंद्र प्रकाश पाराशर, कुंदन गुप्ता आदि वक्ताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार द्वारा लागू किया यूजीसी एक्ट काला कानून हटाने एवं एससी एसटी एक्ट में सुधार तथा आरक्षण व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाएगा, तब तक पूरे देश में सवर्ण समाज का आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।

वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी एक्ट काला कानून, आरक्षण में सुधार और एससी एसटी एक्ट में सुधार को लेकर सवर्ण समाज लगभग 1 वर्ष से आंदोलन की राह पर है। बीच में नगर निकाय चुनाव होने पर सवर्ण समाज ने अपनी वोट की ताकत को दिखाने का काम किया, जिसके चलते सत्ता परिवर्तन हुआ। समिति ने कहा कि आने वाले पंचायत राज चुनाव, पंचायत समिति एवं जिला परिषद चुनाव में सवर्ण संघर्ष समिति भाजपा सहित सभी राजनीतिक दलों का विरोध कर समर्थित उम्मीदवारों को चुनाव में उतारेगी।

वक्ताओं ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भी सवर्ण समाज वोट की चोट कर सवर्ण समाज विरोधी भाजपा सहित सभी राजनीतिक दलों को सबक सिखाने का कार्य करेगा। उन्होंने सवर्ण समाज के सभी घटक दलों और युवा साथियों से आंदोलन में भागीदारी निभाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि जमीन से जुड़े आंदोलन के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय भागीदारी निभाकर संघर्ष करना है।

वक्ताओं के अनुसार, आज सवर्ण समाज की चुप्पी के कारण राजनीतिक पार्टियां वोट की खातिर सवर्ण समाज और उनके बच्चों पर नए-नए कानून थोप कर अत्याचार करने पर तुली हैं और बच्चों का भविष्य खराब किया जा रहा है। उन्होंने इसे सवर्ण समाज के अस्तित्व का सवाल बताया और कहा कि सवर्ण समाज जागरूक हो चुका है तथा आंदोलन पर उतारू है।

बैठक को रामस्वरूप शर्मा, ओम प्रकाश गुप्ता, विकास शुक्ला, अशोक महेश्वरी, संतोष गुप्ता, कीर्ति कुमार शर्मा, रमेश शर्मा, विकास गुप्ता, राजेश आचार्य, प्रहलाद शर्मा, रविंद्र सिंघल, सतीश गोयल, गोविंद गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता, कमलेश जोशी, विष्णु चंद, महेश चंद, विनोद गुप्ता, गिर्राज गुप्ता, कुंज बिहारी आदि ने भी संबोधित किया और आगे आंदोलन की रूपरेखा के लिए अपने सुझाव रखे।

बैठक में सवर्ण संघर्ष समिति गंगापुर सिटी की ओर से विभिन्न निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। इनमें आरक्षण में सुधार करने, एससी, एसटी एक्ट 03 समाप्त करने और यूजीसी विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय शामिल है।

नगर परिषद चुनावों में पार्टियों से अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों को मत देने के लिए सवर्ण समाज का तहे दिल से आभार व्यक्त किया गया। अधिक जन चेतना जागृत करने के लिए रैलियां, नुक्कड़ सभाएं एवं घर-घर संपर्क कर परिवार रजिस्टर तैयार करने का निर्णय भी लिया गया।

प्रत्येक वार्ड में वार्ड सवर्ण संघर्ष समिति गठित करने और माह में एक मीटिंग करने का फैसला किया गया, जिसमें दो सक्रिय सदस्य उपस्थित रहेंगे। पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्य चुनाव के लिए ग्राम सवर्ण संघर्ष समिति गठित कर सवर्ण संघर्ष समिति द्वारा समर्थित उम्मीदवार का नामांकन पत्र भराया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्टियों के बड़े नेताओं के गंगापुर सिटी आगमन पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही समय-समय पर ज्ञापन, धरना, गंगापुर बंद एवं भूख हड़ताल की जाएगी। समिति के इन फैसलों के साथ बैठक में आगामी आंदोलन और चुनावी गतिविधियों को लेकर आगे की रूपरेखा तय की गई।

उल्लेखनीय है कि गंगापुर सिटी में सवर्ण संघर्ष समिति पहले भी यूजीसी कानून और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर बैठकों और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करती रही है।

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