गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, निकाय चुनाव में सभी दलों के बहिष्कार का ऐलान
गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण और यूजीसी एक्ट के विरोध में ज्ञापन सौंपा, चुनावों में सभी दलों के बहिष्कार का ऐलान किया।
तस्वीर में सवर्ण समाज के कई प्रतिनिधि एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं, जिनमें बीच में धूप का चश्मा पहने एक व्यक्ति अन्य लोगों के साथ अपनी बात रख रहा है।
गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज के सैकड़ों बंधुओं ने शुक्रवार को दोपहर 2 बजे मिनी सचिवालय में एकत्रित होकर ईडब्ल्यूएस में समान रूप से आरक्षण नहीं मिलने, एस्ट्रोसिटी एक्ट के विरोध और यूजीसी एक्ट को काला कानून बताते हुए राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया।
सवर्ण समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में जातिगत आरक्षण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने, ईडब्ल्यूएस में समान आरक्षण देने, एस्ट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने, समान नागरिकता कानून लागू करने सहित यूजीसी एक्ट काला कानून को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की मांग की गई।
ज्ञापन में सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निशुल्क उच्च शिक्षा, निशुल्क कोचिंग क्लासेज, छात्रावास सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
मिनी सचिवालय में एकत्रित सवर्ण समाज के सैकड़ों बंधुओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर महेंद्र गर्ग, महेश पाल सिंह, वेद प्रकाश मंगल, गिरिराज प्रसाद शर्मा, भगवान प्रसाद पाराशर, कृपा शंकर उपाध्याय, नरेंद्र भगवती, रामबाबू वाटर वर्क्स, लवली मिश्रा, मदन मोहन कंपाउंडर, नरेश दुबे, गोपाल दीक्षित, कुंदन अग्रवाल, पवन भारद्वाज, निर्मल अमर गढ़िया, घनश्याम श्यारोली, विकास शुक्ला, शैलेंद्र महू कला, प्रहलाद शर्मा, गोपाल गर्ग, विजेंद्र सहजपुरा, कीर्ति कुमार, रविंद्र खंडेलवाल, मुकेश भारद्वाज, महेश कैमरा, हरीकिशन भारद्वाज, विग्रह पांडे, हिम्मत सिंह, सुनील जैमिनी, राजेंद्र प्रसाद वैध, सतीश जोशी, नीरज काडोल्या, विष्णु शर्मा, अवधेश सेवा, बृजेश शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, अंकित कुमार, देवेंद्र भटूरा आदि मौजूद रहे।
सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक सरकार सवर्ण समाज पर लागू काले कानून को वापस नहीं लेगी, तब तक विरोध जारी रहेगा। साथ ही कहा गया कि नगर निकाय चुनाव और पंचायत राज चुनाव में भाजपा पार्टी सहित किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं दिया जाएगा और सभी राजनीतिक दलों का बहिष्कार किया जाएगा।