गंगापुर सिटी में नवरात्रा महोत्सव: माता के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, सजीव झांकियों ने मोहा मन
गंगापुर सिटी के सीताराम परिसर में नवरात्रा महोत्सव के दौरान महाआरती, माता के भजनों और भगवान विष्णु-माता लक्ष्मी की सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। पंचम नवरात्र पर मां स्कंदमाता की सामूहिक पूजा भी हुई।
गंगापुर सिटी के सीताराम परिसर में नवदुर्गा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नवरात्रा महोत्सव के दौरान महाआरती में शामिल श्रद्धालु।
गंगापुर सिटी में नवदुर्गा सेवा समिति के तत्वावधान में पुरानी अनाज मंडी स्थित सीताराम परिसर में आयोजित नौ दिवसीय नवरात्रा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बुधवार शाम महाआरती में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। माता के जयकारों और भजनों के बीच भक्तजन जमकर झूमे। इस दौरान भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और ब्रह्मा जी की सजीव झांकियों का चित्रण किया गया, जिन्हें देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
महोत्सव के तहत बुधवार शाम 7 बजे आयोजित महाआरती में पूर्व उपसभापति दीपक सिंघल, राजेंद्र वैद्य, घनश्याम सिंह एडवोकेट, महेश पाल सिंह जादौन, दामोदर लाल एडवोकेट, महेश पंसारी, अरविंद पत्रकार, महेश वैद्य, विकास शुक्ला, राधा मोहन, प्रेमचंद, महेंद्र गर्ग, अनुज शर्मा, राकेश मंगल, प्रमोद बोहरा और रवि गुप्ता सहित शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। महाआरती में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और भजनों पर नृत्य कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
मंदिर परिसर में रात 7:30 बजे से सजीव झांकियों का प्रदर्शन किया गया। इनमें भगवान विष्णु को क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर माता लक्ष्मी के साथ विराजमान दिखाया गया। कमल के फूल पर विराजमान ब्रह्मा जी और महर्षि नारद मुनि द्वारा स्तुति का बखान भी सजीव चित्रण के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इन झांकियों को देखने के लिए मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
इस अवसर पर प्रमोद बोहरा की ओर से माता नवदुर्गा को मालपुए का भोग लगाया गया, जबकि वेद प्रकाश मंगल की ओर से हलवा-चना का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसादी वितरित की गई।
पंडित दीपक कृष्ण शास्त्री ने बताया कि नवरात्र में नवदुर्गा पूजा के साथ सप्तशती शत चंडी पाठ और अनुष्ठान किया जाता है। शाम को महाआरती के साथ सजीव झांकियों का चित्रण भी किया जा रहा है।
गुरुवार सुबह नवरात्रा के पंचम दिवस पर मां स्कंदमाता की विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक पूजा कराई गई। स्कंदमाता मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं और भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजी जाती हैं। उनका यह स्वरूप मातृत्व, ममता, वात्सल्य, संरक्षण, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक है। इस स्वरूप में मां शेर पर सवार होकर भक्तों की रक्षा करती हैं। महाआरती, भजन, धार्मिक अनुष्ठान और सजीव झांकियों के माध्यम से गंगापुर सिटी में नौ दिवसीय नवरात्रा महोत्सव के धार्मिक आयोजन जारी हैं।