सलूम्बर की बद्रीविशाल वाटिका में महाराजा अजमीढ़ जयंती समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी होनहार छात्रा को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए।

सलूम्बर में श्री मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के आराध्य देव महाराजा अजमीढ़ की जयंती श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश के साथ मनाई गई। भगवान बद्रीविशाल मंदिर से निकली शोभायात्रा में समाजबंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाराजा अजमीढ़ के जयकारों और भक्ति गीतों से शहर की सड़कें गूंज उठीं। युवक-युवतियों ने भजनों की धुन पर नृत्य किया, वहीं महिलाओं और पुरुषों ने भी शोभायात्रा में भाग लेकर आयोजन में सहभागिता निभाई। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इसके बाद बद्रीविशाल वाटिका में प्रतिभावान सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें समाज के होनहार बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

बद्रीविशाल वाटिका में आयोजित समारोह में समाज की प्रतिभाओं को मंच पर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर बच्चों में खुशी दिखाई दी। समाज के वरिष्ठजनों ने प्रतिभावान बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब नई पीढ़ी शिक्षित, संस्कारवान और आत्मनिर्भर बने। शिक्षा के साथ बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और पारिवारिक संस्कारों का विकास भी आवश्यक है।

समारोह को संबोधित करते हुए स्वर्णकार समाज के जिलाध्यक्ष विष्णु सोनी ने समाज की एकता, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधारों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की असली ताकत उसकी एकता, आपसी सहयोग और संस्कारों में निहित होती है। समाज संगठित रहेगा तो बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कर सकेगा। आपसी मतभेदों को भुलाकर समाजहित में एकजुट होकर काम करना समय की आवश्यकता है।

सोनी ने कहा कि पूर्वजों ने अपनी कला, कड़ी मेहनत और ईमानदारी के बल पर स्वर्णकार समाज को विशिष्ट पहचान दिलाई है। सोने-चांदी के आभूषणों की पारंपरिक कारीगरी समाज की गौरवशाली विरासत है, लेकिन बदलते समय में इस व्यवसाय के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं। ऐसे में युवाओं को केवल परंपरागत व्यवसाय तक सीमित रहने के बजाय आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए अवसरों की ओर कदम बढ़ाने होंगे।

उन्होंने युवाओं से आभूषण डिजाइनिंग, डिजिटल तकनीक, ऑनलाइन व्यापार और अन्य आधुनिक व्यवसायों में संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परंपरा समाज की पहचान है, लेकिन युवाओं का भविष्य किसी एक व्यवसाय तक सीमित नहीं होना चाहिए। युवाओं को अपनी रुचि, योग्यता और मेहनत के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए।

जिलाध्यक्ष सोनी ने शिक्षा को समाज की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी प्रतिभाशाली बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए समाज के सक्षम और भामाशाह परिवारों को आगे आना होगा। उन्होंने बेटियों की उच्च शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बेटियां शिक्षित होंगी तो परिवार और समाज दोनों सशक्त बनेंगे। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

समाज में विवाह संबंधी समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सोनी ने कहा कि रिश्ते तय करते समय केवल आर्थिक स्थिति, दिखावे और भौतिक संपन्नता को महत्व देना उचित नहीं है। रिश्तों की मजबूत नींव संस्कार, शिक्षा, स्वभाव, आपसी समझ और पारिवारिक मूल्यों पर टिकी होती है। विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों में युवाओं की पसंद और सहमति का सम्मान भी जरूरी है।

उन्होंने सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग और बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाज में विश्वास, सहयोग, भाईचारा और आपसी सम्मान बनाए रखना चाहिए। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भी ईमानदारी और सामाजिक सद्भाव को नहीं भूलना चाहिए।

समारोह में समाज की ओर से मंचासीन अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर महेश अडानिया, लक्ष्मीलाल सोनी, प्रदेश महामंत्री एवं सलूम्बर जिला प्रभारी पुष्पेंद्र सोनी, महामंत्री नन्दलाल सूरजनवार, मनोज सुंडालिया, नगर अध्यक्ष योगेश मावर, महिला जिलाध्यक्ष रेखा खांदला, भामाशाह सूरजमल सुंडालिया तथा मांगीलाल कड़ेल मंचासीन रहे। समारोह में समाज के संगठनात्मक विस्तार, शिक्षा, सामाजिक एकजुटता और भावी पीढ़ी के उत्थान को लेकर चर्चा की गई।

महाराजा अजमीढ़ जयंती समारोह के दौरान समाज के संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में विभिन्न तहसीलों की नवीन कार्यकारिणियों की घोषणा भी की गई। लसाड़िया तहसील में भगवतीलाल को अध्यक्ष, प्रकाश वैवार को महामंत्री तथा पुष्कर सोनी को कोषाध्यक्ष घोषित किया गया।

इसी प्रकार सराड़ा तहसील में गजेंद्र मावर अदवास को अध्यक्ष, ललित सुंडालिया चावंड को महामंत्री तथा संजय सोनी झाड़ोल को कोषाध्यक्ष घोषित किया गया। इस दौरान पंकज ददोलिया के नाम की भी घोषणा हुई।

महाराजा अजमीढ़ जयंती पर आयोजित शोभायात्रा, प्रतिभा सम्मान समारोह और तहसील स्तर पर नई कार्यकारिणियों की घोषणा के माध्यम से स्वर्णकार समाज ने शिक्षा, युवाओं के रोजगार, सामाजिक एकजुटता और संगठनात्मक विस्तार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी।

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