अजमीढ़ महाराज के पोस्टर के सामने सलूम्बर के मंदिर में पूजा करते समाजबंधु।

सलूम्बर में मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज ने रविवार शाम अपने आराध्य देव अजमीढ़ महाराज की जन्म जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई। श्री बद्रीविशाल मंदिर ट्रस्ट संगठन के तत्वावधान में मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में समाजबंधुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। अजमीढ़ महाराज के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के संगम ने समारोह को विशेष बना दिया।

जन्म जयंती समारोह के दौरान अजमीढ़ महाराज की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद आराध्य देव को खीर का विशेष भोग अर्पित किया गया और सामूहिक महाआरती की गई। इस अवसर पर समाजबंधुओं ने हाथ जोड़कर परिवार, समाज और देश में सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की मंगलकामना की।

समारोह का प्रमुख आकर्षण महिलाओं द्वारा प्रस्तुत गरबा नृत्य रहा। पारंपरिक गीतों की धुन पर महिलाओं ने उत्साहपूर्वक गरबा खेलकर समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुतियों के बीच मंदिर परिसर में देर रात तक भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।

अजमीढ़ महाराज की जन्म जयंती के इस आयोजन ने मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के लोगों को एक मंच पर एकत्रित किया। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक परंपराओं की झलक पेश करने वाले समारोह ने सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।

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