तस्वीर में सलूम्बर में आयोजित विशेष पौधारोपण अभियान के दौरान बैनर के सामने खड़े अधिकारी।

सलूम्बर, 3 सितम्बर। हरियालो राजस्थान महाअभियान के तहत गुरुवार को सलूम्बर जिले के धावड़ी मगरी, ईसरवास में “विशेष पौधारोपण अभियान—एक पेड़ माँ यशोदा के नाम” आयोजित किया गया। अभियान में जिला प्रभारी सचिव एवं संभागीय आयुक्त, उदयपुर खजान सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के कुल 500 पौधे रोपे गए।

माननीय मुख्यमंत्री महोदय की अभिनव पहल एवं राज्य सरकार के पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदेश के हरित क्षेत्र के विस्तार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम हरियालो राजस्थान महाअभियान के तहत आयोजित इस विशेष पौधारोपण अभियान में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित राजस्थान का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक, कोटा एवं सलूम्बर जिले के प्रभारी अधिकारी रूप नारायण मीणा, सलूम्बर विधायक श्रीमती शांता अमृतलाल मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला, उप वन संरक्षक, वन्यजीव उदयपुर अनुराग भटनागर तथा सहायक वन संरक्षक, सलूम्बर महेन्द्र सिंह चुंडावत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद सहायक वन संरक्षक महेन्द्र सिंह चुंडावत ने अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए विशेष पौधारोपण अभियान की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदेश में हरित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से हरियालो राजस्थान महाअभियान चला रही है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, ताकि आमजन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रभारी सचिव एवं संभागीय आयुक्त उदयपुर खजान सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष केवल ऑक्सीजन के स्रोत ही नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता एवं जल संरक्षण के भी महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण एवं नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने आमजन से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी वृक्ष बनने तक निरंतर देखभाल करने का आह्वान किया।

सलूम्बर विधायक श्रीमती शांता अमृतलाल मीणा ने कहा कि पौधारोपण एवं वन महोत्सव जैसे आयोजन केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी के प्रतीक हैं। उन्होंने आमजन से पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

विशेष पौधारोपण अभियान के तहत जिला प्रभारी सचिव एवं संभागीय आयुक्त उदयपुर खजान सिंह तथा मुख्य वन संरक्षक रूप नारायण मीणा ने कल्पवृक्ष का पौधा लगाया। सलूम्बर विधायक श्रीमती शांता अमृतलाल मीणा ने वट वृक्ष का पौधा रोपा। अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला एवं उप वन संरक्षक, वन्यजीव उदयपुर अनुराग भटनागर ने पीपल के पौधे लगाए। उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया।

धावड़ी मगरी, ईसरवास में अभियान के दौरान विभिन्न उपयोगी एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल प्रजातियों के कुल 500 पौधे रोपे गए। इनमें वट, पीपल, अमलतास, आंवला, बिल्वपत्र, बेर, खैर, कल्पवृक्ष एवं कचनार सहित विभिन्न प्रजातियां शामिल रहीं। पौधों की प्रजातियों का चयन उनके पर्यावरणीय महत्व एवं स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया।

कार्यक्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ईसरवास के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भी सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों ने पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा पौधों की देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, ग्रामीणजन तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। विशेष पौधारोपण अभियान में लगभग 350 प्रतिभागियों ने भाग लेकर इसे व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरणीय संकट एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधारोपण अभियान की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करने में है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने द्वारा लगाए गए पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए।

हरियालो राजस्थान महाअभियान के माध्यम से प्रदेश को अधिक हरा-भरा बनाने के साथ आमजन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। “एक पेड़ माँ यशोदा के नाम” अभियान इसी जनभागीदारी एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के अंत में सहायक वन संरक्षक महेन्द्र सिंह चुंडावत ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए अभियान को सफल बनाने में सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने “एक व्यक्ति—एक पौधा” का संकल्प दोहराया। संदेश दिया गया कि प्रत्येक नागरिक पौधारोपण के साथ पौधों के संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं समृद्ध पर्यावरण का निर्माण किया जा सके।

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