जिला कलक्टर की अध्यक्षता में 27 अगस्त को खोड़ीमहूड़ी में होगी रात्रि चौपाल, मौके पर होगा जनसमस्याओं का समाधान
सलूम्बर के खोड़ीमहूड़ी में 27 अगस्त को जिला कलक्टर की अध्यक्षता में रात्रि चौपाल होगी, जहां ग्रामीणों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई होगी।
आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 27 अगस्त 2026 को सायं 6 बजे ग्राम पंचायत खोड़ीमहूड़ी, पंचायत समिति सराड़ा में रात्रि चौपाल आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार होने वाली इस रात्रि चौपाल की अध्यक्षता जिला कलक्टर करेंगे।
रात्रि चौपाल में ग्रामीणजन अपनी विभिन्न समस्याएं और शिकायतें सीधे जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। संबंधित विभागीय अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर प्राप्त शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य रात्रि चौपाल के माध्यम से आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना है।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी जनसमस्याओं के निराकरण के लिए पूर्ण तैयारी के साथ रात्रि चौपाल में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को विभागीय प्रगति रिपोर्ट और अद्यतन सूचनाओं के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया है, ताकि ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं पर तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर तत्काल निर्णय और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ें और रात्रि चौपाल में अनुपस्थित नहीं रहें। जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा प्राप्त प्रकरणों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ दिनेश राय सापेला ने बताया कि रात्रि चौपाल के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं संबंधित विकास अधिकारी द्वारा स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित की जाएंगी। बैठक स्थल पर ग्रामीणों के बैठने, आवश्यक सुविधाओं और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात्रि चौपाल में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि उनका नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
रात्रि चौपाल के माध्यम से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के साथ शासन की योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का भी प्रयास किया जाएगा।