लसाड़िया में हिंदी माध्यम विद्यालय की मांग तेज, नहीं खुला स्कूल तो जनआंदोलन की चेतावनी
लसाड़िया उपखंड मुख्यालय पर हिंदी माध्यम के राजकीय विद्यालय के अभाव से विद्यार्थियों को दूरस्थ गांवों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों, अभिभावकों और युवा नेता शैलेश प्रजापत ने सरकार से जल्द विद्यालय शुरू करने की मांग करते हुए जनआंदोलन की चेतावनी दी है।
उदयपुर जिले के लसाड़िया उपखंड मुख्यालय पर हिंदी माध्यम के राजकीय विद्यालय का अभाव विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। हिंदी माध्यम से शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन कुण, टटाकिया एवं कालीभीत जैसे दूरस्थ गांवों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इससे विद्यार्थियों का समय तो व्यर्थ हो ही रहा है, साथ ही परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उपखंड मुख्यालय पर केवल अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित होने के कारण हिंदी माध्यम से अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के सामने शिक्षा का संकट खड़ा हो गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आने-जाने की समस्या के चलते कई विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से लसाड़िया में शीघ्र हिंदी माध्यम का राजकीय विद्यालय शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि उपखंड मुख्यालय पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों की शिक्षा उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को अपनी पसंद के माध्यम में अध्ययन करने का अवसर मिल सके।
युवा नेता शैलेश प्रजापत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते लसाड़िया में हिंदी माध्यम विद्यालय शुरू करने की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो ग्रामीणों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं कस्बेवासियों के साथ व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्षेत्रवासी अब और अधिक उपेक्षा सहन नहीं करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन कर प्रशासन और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे।
लसाड़िया में हिंदी माध्यम के राजकीय विद्यालय की मांग को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों की ओर से उठाई गई यह चेतावनी अब क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में सामने आ रही है।