हरियाली अमावस्या पर राजसमंद में उमड़ा आस्था और पर्यटन का सैलाब, मंदिरों में विशेष आयोजन
हरियाली अमावस्या पर राजसमंद में मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर भीड़ उमड़ी। नौचोकी पाल पर मेला, भजन, झूले और विशेष आयोजन आकर्षण रहे।
तस्वीर में मेले में लोग दुकानों और झूलों के बीच घूमते नजर आ रहे हैं।
राजसमंद। हरियाली अमावस्या के अवसर पर बुधवार को राजसमंद जिले में आस्था और पर्यटन का संगम देखने को मिला। जिले के प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी। राजसमंद झील की नौचोकी पाल सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर लोगों ने सुहाने मौसम का आनंद लिया और मेले का लुत्फ उठाया।
हरियाली अमावस्या के मौके पर राजसमंद में जगह-जगह मेलों का आयोजन हुआ। नौचोकी पाल पर महिलाओं ने सावन के गीत गाए और पारंपरिक हरियाली अमावस्या के कार्यक्रमों में उत्साह से भाग लिया। मेले में घरेलू सामान, चकरी, डोलर, झूले, जल चकरी और खिलौनों की दुकानों के साथ खान-पान के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। लोगों ने गरमा-गरम मालपुए और रबड़ी-मालपुए का स्वाद लिया।
वहीं चारभुजा, नाथद्वारा, लावासरदारगढ़ सहित जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। लावासरदारगढ़ स्थित चारभुजा मंदिर में भगवान चारभुजा नाथ का हरियाली श्रृंगार किया गया। भगवान को फूलों और हरियाली से सजाए गए आकर्षक श्रृंगार में विराजमान किया गया, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
चारभुजा में भी हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। कई लोगों ने गोमती नदी के उद्गम स्थल पर स्नान और तर्पण किया तथा पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान और भजन-कीर्तन का दौर चला।
कांकरोली स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में भी हरियाली अमावस्या पर विशेष आयोजन हुआ। मंदिर परिसर को हरियाली और आकर्षक सजावट से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के विशेष दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
हरियाली अमावस्या के चलते जिले के पर्यटन स्थलों पर भी दिनभर चहल-पहल रही। बारिश के सुहाने मौसम ने लोगों का उत्साह और बढ़ा दिया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी पर्यटक पहुंचे, जिससे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मेले जैसा माहौल नजर आया। इस दौरान राजसमंद जिले में धार्मिक आयोजनों और पर्यटन स्थलों पर उमड़ी भीड़ ने हरियाली अमावस्या के उत्सव को खास बना दिया।