आमेट में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर 9 दिवसीय तपस्या पूर्ण करने पर महावीर इंटरनेशनल संस्था के पदाधिकारियों द्वारा तपस्वी महावीर कोठारी और उनकी धर्मपत्नी स्नेहलता कोठारी को तप अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। (बाएं से दाएं: वीर पवन कच्छारा, वीर महेंद्र कुमार बोहरा, राजसमंद जॉन सचिव वीर ज्ञानेश्वर मेहता, तपस्वी वीर महावीर कोठारी, श्रीमती स्नेहलता कोठारी, अध्यक्ष वीर अभय कुमार गेलड़ा, मंत्री वीर सतीश सोनी एवं वीर पारसमल पामेचा)   

आमेट, 20 अक्टूबर। महावीर इंटरनेशनल, आमेट की ओर से संस्था के कर्मठ सदस्य तपस्वी वीर महावीर कोठारी की नौ दिवसीय तपस्या के उपलक्ष्य में तप अभिनंदन पत्र भेंट कर उनका और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती स्नेहलता कोठारी का सम्मान किया गया। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मां चामुंडा की आराधना के साथ की गई उनकी नौ दिवसीय तप-साधना को संस्था के सदस्यों ने श्रद्धा, संकल्प, आत्मबल और आध्यात्मिक निष्ठा का उदाहरण बताते हुए अनुमोदित किया।

जैन दर्शन में तप को कर्म निर्जरा और आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण साधन माना गया है। इसी भावना के साथ तपस्वी वीर महावीर कोठारी ने नौ दिवसीय तप-साधना कर आत्मिक उन्नति की दिशा में सराहनीय कदम बढ़ाया। उनकी इस साधना से संस्था के सदस्यों को धर्म, संयम और तप के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

इस अवसर पर महावीर इंटरनेशनल, आमेट के अध्यक्ष वीर अभय कुमार गेलड़ा, मंत्री वीर सतीश सोनी, राजसमंद जॉन सचिव वीर ज्ञानेश्वर मेहता, वीर महेंद्र कुमार बोहरा, वीर पारसमल पामेचा और वीर पवन कच्छारा सहित अन्य सदस्यों ने तपस्वी वीर महावीर कोठारी की तपस्या की हृदय से खूब-खूब अनुमोदना की। संस्था की ओर से तप अभिनंदन पत्र भेंट कर तपस्वी वीर और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती स्नेहलता कोठारी का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर प्रभु महावीर से मंगलकामना की गई कि तपस्वी वीर का जीवन सदैव धर्ममय, संयममय और सेवामय बना रहे। उनके जीवन में आत्मिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति का निरंतर विकास हो तथा वे भविष्य में भी तप, त्याग, सेवा और साधना के पथ पर निरंतर अग्रसर होते रहें।

महावीर इंटरनेशनल, आमेट की इस पहल के माध्यम से तप-साधना के प्रति सम्मान और धर्म, संयम एवं सेवा के मूल्यों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम की जानकारी संस्था के मीडिया प्रभारी वीर पवन कच्छारा ने दी।

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