तस्वीर में लाडनूं में आयोजित तेरापंथ युवक परिषद के 60वें अधिवेशन के दौरान सफेद वस्त्रों में नजर आ रहे संत और उपस्थित युवक व सदस्य दिखाई दे रहे हैं।   

लाडनूं में परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में आयोजित अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के 60वें अधिवेशन में देशभर से आए युवाओं के साथ तेरापंथ युवक परिषद्, चेंबूर ने भी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। चेंबूर से लगभग 13 सदस्यों एवं 5 युवकों ने सपत्नीक इस ऐतिहासिक अधिवेशन में भाग लिया।

अधिवेशन के दौरान विभिन्न रोचक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘संवाद संतों से’ कार्यक्रम में कुमारश्रमणजी के भावपूर्ण संबोधन ने युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। वहीं युवाचार्यश्री के ‘जैन रामायण’ विषयक संबोधन ने युवाओं की विशेष रुचि आकर्षित की और उन्हें जैन संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।

परम पूज्य गुरुदेव एवं युवाचार्यश्री के समक्ष प्रस्तुत सुंदर गीतिका से अधिवेशन का वातावरण भक्तिमय एवं संगीतमय हो गया। गोचरी सेवा के माध्यम से युवाओं में सेवा-भावना के साथ नई ऊर्जा का संचार हुआ।

अधिवेशन के दौरान कंठी तप करने वाली श्राविका श्रीमती नेहा निलेश राठौड़ की तपस्या की अनुमोदना के लिए तेरापंथ युवक परिषद्, चेंबूर की ओर से रात्रि में विशेष गीतिका एवं अनुमोदना कार्यक्रम आयोजित किया गया।

तेरापंथ युवक परिषद्, चेंबूर के अध्यक्ष हिमांशुजी गन्ना एवं उनकी पूरी टीम ने अधिवेशन यात्रा को यादगार बनाने के साथ इसे ज्ञान, ऊर्जा, अध्यात्म एवं तप की भावना से ओत-प्रोत करने के लिए अथक श्रम किया।

इस अवसर पर परिषद् के मंत्री कपिलजी मेहता ने अधिवेशन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता एवं सामूहिक श्रम ने आयोजन को सफल एवं स्मरणीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रकार चेंबूर परिषद् की सहभागिता ने अधिवेशन के विभिन्न कार्यक्रमों में ज्ञान, सेवा, अध्यात्म और तप की भावना को सामने रखा।

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