आमेट के विद्या निकेतन परिसर में आयोजित घुमंतू युवा समागम के दौरान दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते खंड संघचालक किशन सिंह राव एवं मुख्य वक्ता प्रभुलाल।

आमेट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में आमेट स्थित विद्या निकेतन घुमंतू छात्रावास के नवीन परिसर में भव्य घुमंतू युवा समागम आयोजित हुआ। सम्मेलन में युवाओं से अपने पूर्वजों के शौर्य, साहस, त्याग और समर्पण को याद रखते हुए समाज सेवा को राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाने तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण को मजबूत करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड संघचालक किशन सिंह राव ने की।

कार्यक्रम प्रारंभ होने से पहले अध्यक्ष किशन सिंह राव एवं मुख्य वक्ता प्रभुलाल ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। मुख्य वक्ता प्रभुलाल कालबेलिया, प्रांत घुमंतू कार्य संयोजक ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि एवं संघ शताब्दी वर्ष पर विचार रखते हुए युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास, सनातन संस्कृति तथा घुमंतू, अर्द्ध घुमंतु और विमुक्त जनजातियों के महापुरुषों के स्वतंत्रता संग्राम एवं समाज जागरण में रहे त्याग और समर्पण भाव की जानकारी दी।

प्रभुलाल ने बताया कि घुमंतू समुदाय ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों को झेलते हुए अनेक कष्ट सहे और सतत संघर्षशील रहते हुए सनातन संस्कृति की रक्षा की। 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन में भी घुमंतू समुदाय ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके कारण इन्हें 12 अक्टूबर 1871 के आपराधिक अधिनियम का कई वर्षों तक दंश झेलना पड़ा। इतने कष्ट भोगने के बाद भी वे भारत माता के सच्चे सपूत के रूप में कार्य करते रहे। नट, सांसी, कंजर, बागरिया, सिगलीगर, कालबेलिया, बंजारा, पारधी, गाड़िया लोहार, सिंघीवाल, नायक, ओढ़ और रंगास्वामी सहित कई घुमंतू जनजातियों का भारत माता के उत्थान में योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि नोमेडिक (घुमंतू) युवाओं का अपने समाज के प्रति सबसे बड़ा दायित्व अपनी संस्कृति की पहचान सुरक्षित रखते हुए समाज को मुख्य धारा से जोड़ना है। आज का घुमंतू युवा शिक्षा और तकनीक के माध्यम से अपने समाज की समस्याओं को दूर करने और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण कड़ी है।

सम्मेलन में पंच प्रण—कुटुम्ब प्रबोद्धन, स्वबोध, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य—पर भी विचार व्यक्त किए गए। इसके साथ ही घुमंतू समुदाय के लिए घुमंतू जाति उत्थान न्यास द्वारा किए जा रहे कार्यों, जैसे छात्रावास, बाल संस्कार केन्द्र, सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ और दस्तावेजीकरण की जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम का संचालन गहरी लाल कुमावत ने किया। इस अवसर पर देवी लाल जीनगर, पवन मेहता, दिलीप सिरोया, रोशन लाल कुमावत, हेमंत जिला प्रचारक आमेट सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बजरंग दास वैष्णव, ज़िला घुमन्तू कार्य संयोजक ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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