तस्वीर में बाईं ओर सोशल मीडिया क्रिएटर पुष्पा राज (जितेंद्र सिंह राजावत) का इंस्टाग्राम प्रोफाइल और दाईं ओर एक वीडियो में नजर आ रहा युवक दिखाई दे रहा है।

सोशल मीडिया पर लाइक, शेयर और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और सीमाओं को लेकर एक वायरल वीडियो ने सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर पुष्पा राज से जुड़े वीडियो में एक युवक शराब के कारोबार को लेकर गंभीर दावे करता नजर आ रहा है।

वीडियो में युवक स्वयं को जोधपुर के कुड़ी थाना क्षेत्र का निवासी बताता है। वह कथित तौर पर ब्लैक में शराब का कारोबार करने और प्रशासन को पैसे देने जैसी बातें कहता दिखाई देता है। वीडियो में किए गए इन दावों ने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि वीडियो पुष्पा राज के सहयोगी द्वारा रिकॉर्ड किया गया और बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या लाइक, शेयर और फॉलोअर्स की दौड़ में गंभीर दावों की पड़ताल किए बिना ही उन्हें सोशल मीडिया कंटेंट का हिस्सा बना दिया गया?

सोशल मीडिया की पहुंच लाखों लोगों तक है। ऐसे में शराब के अवैध कारोबार से जुड़े कथित दावों को मनोरंजन या वायरल कंटेंट के रूप में प्रसारित किए जाने से समाज में किस तरह का संदेश जा रहा है, यह भी विचारणीय है।

यदि वीडियो में युवक द्वारा किए गए दावे सही हैं तो संबंधित विभाग को इसकी गंभीरता से जांच करनी चाहिए। वहीं, यदि दावे गलत हैं तो बिना पुष्टि उन्हें प्रसारित करने की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

अब सवाल यह भी है कि क्या वायरल होने की चाह में सोशल मीडिया क्रिएटर किसी भी व्यक्ति और किसी भी विषय को कंटेंट बना सकते हैं? पुष्पा राज की ओर से वीडियो को लेकर कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं, यह भी देखने वाली बात होगी।

वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित युवक, पुष्पा राज तथा विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

Tags: