रेंजर हत्याकांड के बाद छोटीसादड़ी में पुलिस का फ्लैग मार्च, कानून तोड़ने वालों पर सख्ती
रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत हत्याकांड के बाद छोटीसादड़ी में पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त फ्लैग मार्च निकाला। सुक्कड, पिथलवड़ी और मोहनपुर में पुलिस ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार हैं।
तस्वीर में छोटीसादड़ी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन का बल सड़क पर फ्लैग मार्च निकालते हुए नजर आ रहा है।
छोटीसादड़ी में रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत हत्याकांड के बाद पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी जाप्ते के साथ छोटीसादड़ी से आरोपियों के गांवों तक फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
फ्लैग मार्च की शुरुआत छोटीसादड़ी से हुई। इसके बाद पुलिस और वन विभाग का दल सुक्कड, पिथलवड़ी और मोहनपुर गांव पहुंचा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गांवों के प्रमुख मार्गों से मार्च निकाला गया। पुलिस के अनुसार फ्लैग मार्च का उद्देश्य अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास कायम करना है। पुलिस-वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के जरिए क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखने का संदेश दिया गया।
फ्लैग मार्च के दौरान डीएसपी रामेश्वर लाल चौहान, सहायक वन संरक्षक विक्रम सिंह राठौड़, छोटीसादड़ी एसएचओ कैलाश चंद्र सोनी, धोलापानी सीआई पूराराम मीणा, धमोत्तर थानाधिकारी घीसुलाल सहित पुलिस एवं वन विभाग का जाप्ता मौजूद रहा। पुलिस ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि रेंजर प्रताप सिंह चूंडावत 21 सितंबर की रात वनखंड सुक्कड़-मोहनपुरा तलाई क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम के साथ पहुंचे थे। मौके पर जेसीबी, ट्रैक्टर और डंपर से खनन गतिविधियां चलने की जानकारी सामने आई। वाहनों को रोकने के दौरान विवाद हुआ और एक डंपर मौके से निकल गया। रेंजर ने बाइक से डंपर का पीछा किया।
घाटीवाले बालाजी मंदिर मार्ग पर डंपर की टक्कर से रेंजर गंभीर रूप से घायल हुए और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंपर और अवैध खनन में इस्तेमाल जेसीबी जब्त की। 26 सितंबर को पुलिस ने आरोपी कन्हैयालाल उर्फ कान्हा बावरी को घोसुंडी के जंगल से गिरफ्तार किया था। मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। फ्लैग मार्च के माध्यम से पुलिस और वन विभाग ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आमजन को सुरक्षा का भरोसा कायम रखने का संदेश दिया।