तमिलनाडु में सियासी भूचाल- राजनीति में 'हॉर्स-ट्रेडिंग',धमकी और गिरफ्तारियों से गरमाई राजनीति|

टीवीके विधायक को 35 करोड़ रुपये की पेशकश का मामला, पांच गिरफ्तार। सेंथिल बालाजी के भाई वी. अशोक कुमार पर साजिश का आरोप।

Update: 2026-07-02 07:20 GMT

तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का विषय बने पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी (बाएं) और टीवीके विधायक एन. इलैयाराजा (दाएं)।

तमिलनाडु की राजनीति में कथित हॉर्स-ट्रेडिंग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें सत्ताधारी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) के एक विधायक को प्रभावित करने के लिए भारी-भरकम राशि की पेशकश का आरोप है। टीवीके विधायक एन. इलैयाराजा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें विधानसभा में एक प्रस्ताव के दौरान विशेष तरीके से मतदान करने के बदले 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पूर्व डीएमके मंत्री और कोयंबटूर दक्षिण के विधायक वी. सेंथिल बालाजी के भाई वी. अशोक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने विधायक को पाला बदलने का दबाव बनाया और प्रस्ताव को ठुकराने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

ग्रेटर चेन्नई पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि थिरुनावुक्कारासु नामक व्यक्ति, जो एक ओपिनियन पोलिंग संस्था 'इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज' (IPDS) चलाता है, ने विधायक से संपर्क साधा था। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों में से एक नरेश ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह चेन्नई में वी. अशोक कुमार से व्यक्तिगत रूप से मिला था और पूरी साजिश उन्हीं के और सेंथिल बालाजी के निर्देशों पर रची गई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने अशोक कुमार पर 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' समेत कानून की चार प्रमुख धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब तमिलनाडु विधानसभा में राजनीतिक अस्थिरता की चर्चाएं जोरों पर हैं। चुनाव के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के कारण राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं, और डीएमके नेतृत्व लगातार टीवीके सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाता रहा है। डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने सरकार के पास पूर्ण बहुमत न होने का दावा करते हुए राज्य में मध्यावधि चुनाव की संभावना जताई है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी को विधानसभा में 108 सीटें मिली थीं और कांग्रेस सहित अन्य सहयोगियों के समर्थन से सरकार का गठन हुआ था।

चेन्नई पुलिस इस पूरे मामले की जांच बहुआयामी स्तर पर कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में धनबल और धमकियों का उपयोग किस हद तक राजनीतिक नैतिकता को प्रभावित कर रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और आगे के सबूतों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।

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